News Flash
beans

रक्तचाप नहीं बढ़ता, सेहत के लिए लाभदायक

बीन्स की हरी पौध सब्जी के रूप में खाई जाती है तथा सुखा कर इसे राजमाह, लोबिया इत्यादि के रूप में खाया जाता है। हरी बीन्स या सामान्य भाषा में फ्रेंच बीन्स में मुख्यत: पानी, प्रोटीन, कुछ मात्रा में वसा तथा कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन, थायमीन, राइबोफ्लेविन, नियासीन, विटामिन सी तरह के मिनरल और विटामिन मौजूद होते हैं।

बीन्स में सोडियम की मात्रा कम तथा पोटाशियम, कैल्शियम व मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है और लवणों का इस प्रकार का समन्वय सेहत के लिए लाभदायक है। इससे रक्तचाप नहीं बढ़ता तथा हृदयाघात का खतरा टल सकता है…beans1

जलवायु

बीन्स के लिए हल्की गर्म जलवायु की आवश्यकता है। इसके लिए 18-24 डिग्री से. तापमान की आवश्यकता है। अधिक ठंड तथा गर्मी दोनों, इसके लिए हानिकारक हैं। इसकी सफल खेती के लिए लगातार तीन महीने अनुकूल मौसम चाहिए।

भूमि

बलुई बुमट व बुमट मिट्टी अच्छी पाई गई है। इसकी खेती के लिए भारी व अम्लीय भूमि वाली मिट्टी उपयुक्त नहीं है।

बुआई का समय

उत्तर भारत में जहां पर सर्दी अधिक होती है। इसकी बुआई दो बार अक्तूबर व फरवरी में की जा सकती है। हल्की ठंड वाले स्थानों पर नवंबर के पहले सप्ताह में बुआई उपयुक्त है। पहाड़ी क्षेत्रों में फरवरी, मार्च व जून माह में बुआई की जा सकती है।

उर्वरक व खाद

बुआई से पहले बीज का राइजोबियम नामक जीवाणु से उपचार कर लें। नत्रजन 20 कि.ग्रा. फास्फोरस 80 कि.ग्रा. व पोटाश 50 कि.ग्रा. की मात्रा/हेक्टेयर की दर से खेत की तैयारी में अंतिम जुताई पर मिलाएं तथा 20 कि.ग्रा. नत्रजन/हेक्टेयर की दर से फसल में फूल आने पर प्रयोग करें। 20-25 टन गोबर या कंपोस्ट खाद को खेत की तैयारी के समय मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें।

सिंचाई

बुआई के समय बीज अंकुरण के लिए पर्याप्त नमी की आवश्यकता है। इसके बाद एक सप्ताह से 10 दिन के अंतराल पर फसल की आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें।

खरपतवार नियंत्रण

दो से तीन बार निराई व गुड़ाई खरपतवार नियंत्रण के लिए काफी है। एक बार पौधों को सहारा देने के लिए मिट्टी चढ़ाना आवश्यक है। रासायनिक खरपतवार नियंत्रण के लिए तीन लीटर स्टांप का प्रति हेक्टेयर की दर से बुआई के बाद दो दिन के अंदर घोलकर छिड़काव करें।

तुड़ाई

तुड़ाई फूल आने के 2-3 सप्ताह बाद आरंभ हो जाती है। तुड़ाई नियमित रूप से जब फलियां नर्म व कच्ची अवस्था में हों, तभी करें।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams