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हर वर्ष 2500 बैग तक केंचुआ खाद तैयार करता है नोखू राम

शाम चंद आजाद। काजा
कहते है आवश्यकता अविष्कार की जननी होती है। यह बात मंडी जिले के रिवालसर क्षेत्र के बटाहन गांव के नोखू राम ने अपने अथक प्रयासों से न सिर्फ अपनी रोजी रोटी चलाई। बल्कि केंचुआ खाद तैयार कर लाहुल स्पीति के किसान बागबानों का दिल भी जीत लिया है। यहीं नहीं यहां के मेहनतकश किसानों का आखों का तारा भी बन गया है। गौरतलब है कि नोखू राम खुद एक लघु किसान है और अपने गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। लेकिन ऐसे मौके पर बंदर तथा जंगली जानवर द्वारा इनकी फसलों का नुकसान हो जाता है।

हर साल 2500 बैग तक केंचुआ खाद तैयार की जाती है

बेहतर आजीविका कमाने के लिए उन्होंने सोचा कि केंचुआ खाद को तैयार किया जाए और इसकी मार्केट तलाशी जाए। जिसमें वह कामयाब भी हुए। लाहुल जैसे खेती बाड़ी के महारथ हासिल क्षेत्र में इनको केंचुआ खाद बिकाने का अंदेशा हुआ। नोखू राम बताते हैं कि उन्होंने अपने घर में 2 टैंक बनाए हैं। जिससे हर साल 2500 बैग तक केंचुआ खाद तैयार लेता हूं। उन्होंने बताया कि इतनी खाद तैयार करने के लिए मुझे अपनी धर्मपत्नी और 2 बेटों के साथ पूरा 1 साल लग जाता है। अपने गांव के आसपास से लोगों से पशुओं का गोबर खरीदकर इक्कठा करना पड़ता है तथा चक्कर स्थिति प्लांट से केंचुआ के कीटे खरीदने पड़ते हैं।

घर में बने केंचुआ खाद की सप्लाई

एक किट लगभग 1500 रुपए की होती है। जिसमें 300 पीस तक केंचुआ होते हैं। गड्ढ़ों में डालने के पश्चात 90 दिनों में गोबर केंचुआ खाद में परिवर्तित हो जाती है। जिसे पैक कर बोरियों में डाला जाता है। उन्होंने बताया कि बोरियों का वजन 55 से 60 किलोग्राम तक होता है। उन्होंने बताया कि 2 साल से लाहुल स्पीति में अपने घर में बने केंचुआ खाद की सप्लाई कर रहा हूं।

इस जिले में लोगों की परख खेतीबाड़ी में देश और दुनिया में मानी जा सकती है। क्योंकि जितना ज्ञान लाहुलवासियों को खेतीबाड़ी में है। शायद अपने देश के और ग्रामीण क्षेत्रों में कहना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यहां मेरे द्वारा निर्मित केंचुआ खाद की मांग बहुत हो रही है। कोकसर से जाहलमा तथा काजा से ताबो तक मेरे बहुत कृषक मित्र है।

जिन्हें मैं 50 से 80 बैग तक केंचुआ खाद देता हूं। वहीं लाहुल स्पीति के किसान दोरजे, सतीश, पवन, नमज्ञाल तथा हिरे ने बताया कि कोई लोग तो यहां घटिया खाद लेकर आ जाते हैं। लेकिन नोखू राम के खाद का परिणाम बहुत बेहतर आता है। इसलिए यहां के केंचुआ खाद की मांग ज्यादा हो जाती है। केंचुआ खाद फलदार पौधों, मटर, आलू खासकर सब्जियों के लिए उत्तम हैं।

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