farmers Loss

पिछले साल के मुकाबले मंडियों में गई 6.30 लाख पेटियां कम

हिमाचल दस्तक ब्यूरो, शिमला।। हिमाचल में मौसम की बेरुखी 4 हजार करोड़ की सेब आर्थिकी पर भारी पड़ गई है। पिछले साल के मुकाबले बाहरी राज्य की विभिन्न मंडियों में अब तक 6,34,008 पेटियां कम सेब भेजा गया है। ऐसे में इस साल भी प्रदेश में सेब की कम पैदावार होने के आसार नजर आ रहे हैं।

इससे बागवानों को भी करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि बागवानी विभाग ने पिछले साल की तुलना में इस बार 45 लाख पेटियां अधिक पैदावार होने का अनुमान लगाया है। वर्ष 2016 में प्रदेश में 2.34 करोड़ सेब की पेटियों का उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल 2.79 करोड़ पेटियों की पैदावार का अनुमान लगाया गया है। अगस्त माह का आखिरी सप्ताह चल रहा है।

कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन समाप्त हो चुका है। इन दिनों मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन पीक पर है, लेकिन अभी तक सेब सीजन उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। यही नहीं बागवानों को मंडियों में सेब के अधिक दाम भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में दोनों तरफ से बागवान इस बार निराश हैं।

अब तक 52,57,031 पेटियां पहुंची मंडियों में

प्रदेश सहित बाहरी राज्यों की मंडियों में अब तक 52,57,031 पेटियां पहुंची हैं। यह सेब 11,678 ट्रकों के माध्यम से भेजा गया है। पिछली साल इस अवधि तक 58,91,039 पेटियां मंडियों में भेजी जा चुकी थीं। प्रदेश सहित बाहरी राज्य के लिए 13,090 ट्रकों के माध्यम से सेब भेजा गया था। ओलावृष्टि के कारण इस बार बागवानों को रॉयल डिलिशियस सेब का रेट पिछले साल की तुलना में कम मिला है।

25 अगस्त को दिल्ली की आजादपुर मंडी में रॉयल डिलिशियस 1245 रुपये प्रति पेटी तक बिका, पिछले साल औसत रेट 1280 रुपये प्रति पेटी था। हालांकि पिछले साल की तुलना में गोल्डन सेब के रेट जरूर अच्छे मिले हैं।

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