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Ministry of Agriculture increased by 78%

नई दिल्ली। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए आबंटन को 78 प्रतिशत बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसमें से 75,000 करोड़ रुपये की राशि सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-किसान योजना के लिए आबंटित की गई है। सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के संशोधित बजट अनुमान में इसके लिए 77,752 करोड़ रुपये का आबंटन किया था।

आम चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना का लक्ष्य देश के 12.6 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को तीन बराबर किस्तों में कुल 6,000 रुपये देना है। इसके अलावा सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आबंटन को बढ़ाकर 14,000 करोड़ रुपये करने का भी फैसला किया है।

वित्त वर्ष 2018-19 के संशोधित अनुमान के मुताबिक इस योजना के लिए 12,975.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। करीब 5.61 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। चालू वित्त वर्ष के बजट में सरकार ने लघु अवधि के फसल ऋण पर ब्याज सहायता के लिए 18,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। वित्त वर्ष 2018-19 के संशोधित बजट अनुमान में इसके लिए 14,987 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी।

सब्सिडी खर्च 3,01,694 करोड़ रहेगा

नई दिल्ली। बजट प्रस्तावों के अनुसार का खाद्य, उर्वरक और ईंधन पर सब्सिडी खर्च चालू वित्त वर्ष में 13.2 प्रतिशत बढ़कर 3,01,694 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा। बजट पत्रों के अनुसार सबसे अधिक 51 प्रतिशत वृद्धि ईंधन सब्सिडी में होने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में इस मद पर 37,478 करोड़ रुपए का व्यय होने का अनुमान है। वित्त वर्ष में 2018-19 के संशोधित अनुमान में ईंधन सब्सिडी 24,833 करोड़ रुपये थी। ईंधन बिल में रसोईं गैस पर सब्सिडी 2019-20 में 32,989 करोड़ रुपये अनुमानित है जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 20,283 करोड़ रुपये थी। हालांकि केरोसीन सब्सिडी घटकर चालू वित्त वर्ष में 4,489 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2018-19 में 4,550 करोड़ रुपये थी।

खाद्य सब्सिडी 2019-20 में 7.54 प्रतिशत बढ़कर 1,84,220 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में संशोधित अनुमान के तहत यह 1,71,298 करोड़ रुपये थी। इसी प्रकार, उर्वरक सब्सिडी चालू वित्त वर्ष में 14.14 प्रतिशत बढ़कर 79,996 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो पिछले वित्त वर्ष में 70,085.70 करोड़ रुपए थी।

बजट दस्तावेज के अनुसार इसमें यूरिया सब्सिडी 53,629 करोड़ रुपए तथा पोषक तत्व आधारित सब्सिडी 26,367 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। उर्वरक सब्सिडी बढऩे पर उर्वक मंत्री डी सदानंद गौड़ा ने संतोष जताया। उन्होंने एक बयान में कहा कि आबंटन बढऩे से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में दक्षता लाने में मदद मिलेगी।

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