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अलसी के लिए शुष्क जलवायु की आवश्यकता

अलसी की खेती के लिए साधारणतया ठंडी और शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है। सामान्यतया 80-100 सें.मी. वार्षिक वर्षा अलसी की खेती के लिए उपयुक्त है। फसल के वृृद्धि काल में अधिक वर्षा का होना हानिकारक होता है, पौधों को बढ़वार तथा फूल आने के समय पाले का पडऩा अत्यधिक हानिकारक होता है…

भूमि

अलसी की फसल कंकरीली व हल्की मृदा से लेकर दोमट मटियार में की जाती है। तराई क्षेत्रों में कंकरीली मृदाओं में इसकी खेती सफलतापूर्वक की जाती है। अधिक उपजाऊ मृदाओं की अपेक्षा मध्यम उपजाऊ मृदाएं अच्छी समझी जाती है। इसके साथ ही भूमि में जल निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए।

भूमि की तैयारी

भूमि को भुरभुरा बनाने के लिए 2-3 बार बुआई करनी चाहिए। नमी को एकत्रित करने के लिए हल्की सिंचाई करनी चाहिए। यह कार्य प्रत्येक अच्छी वर्षा के बाद भी किया जा सकता है।

बुआई का समय

मृदा नमी तथा सिंचाई की उपलब्धता के अनुसार अलसी के बुआई का समय-अलग अलग है जो कि एक अक्तूबर से 15 नवंबर तक की जाती है।

बीज उपचार

5 लीटर देसी गाय का मूत्र 15 चने के बराबर आकार के हींग लेकर, पीसकर अच्छी तरह घोल कर बीजों पर डालकर अच्छी तरह से मिला कर 2-3 घंटे बाद सूखने पर बुआई करें। 5 देसी गायों का मूत्र लेकर उसमें बीज उपचारित 2-3 घंटे बाद सूखने पर बुआई करें। दीमक का खेत में प्रकोप होने पर कैरोसिन तेल से बीज उपचारित कर बुआई करें।

सिंचाई

असिंचित दशाओं की तुलना में दो सिंचाई देने से उपज में दोगुनी बढ़ोतरी हो जाती है, लेकिन इन सिंचाइयों को बुआई के 35 दिन बाद पहली तथा 65 दिन बाद दूसरी करनी चाहिए।

रोग और कीट नियंत्रण

नीम की ताजी हरी पत्ती 25 किलोग्राम तोड़कर अच्छी तरह से कुचल कर 20-25 लीटर पानी में तब तक पकाना चाहिए, जब तक पानी किलो न रहे। इसके बाद उतारकर ठंडा कर किसी बर्तन में सुरक्षित रख लेना चाहिए, जब रोग या कीट का आक्रमण हो तो प्रयोग करें। 200 लीटर पानी में 5 लीटर नीम का पानी और 250 मिली लीटर माइक्रो झाइम अच्छी तरह से मिलाकर पंप द्वारा प्रति एकड़ छिड़काव अच्छी तरह से तरबतर कर करें। इस तरह से रोग मुक्त, कीट मुक्त फसल आर्गेनिक विधि से तैयार करें।

कटाई

अलसी की फसल को तब काटना चाहिए, जब पत्तियां सूख जाएं, कैप्सूल बादामी रंग में बदल जाएं तथा बीज चमकीले हो जाएं। पौधों पर फली फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के अंत तक पकती है। अत: मार्च में फसल की कटाई की जाती है।

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