peach pests

आड़ू की पत्ती मोडऩे वाला माहू

इस कीट के शिशु एवं वयस्क पत्तियों का रस चूसते हैं। ग्रसित पत्तियां मुड़ जाती हैं और धीरे-धीरे पीली पड़ कर सूख जाती हैं। इसकी रोकथाम के लिए फूल खिलने के 8-10 दिन पहले पौधों पर नीम का काढ़ा माइक्रो झाइम के साथ मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। मार्च-अप्रैल में पत्तियों पर नीम का काढ़ा माइक्रो झाइम के घोल का छिड़काव करना चाहिए।

फल-मक्खी

फल-मक्खी की मादा फल के छिलके के ठीक नीचे गूदे में अंडे देती है, जिससे निकली सूंडिय़ां गूदे को खाकर हानि पहुंचाती हैं। रोकथाम के लिए वृक्षों पर नीम के तेल को पानी के घोल के दो छिड़काव, प्रथम फल तोडऩे के एक माह पूर्व व दूसरा इसके 10 दिन बाद करना चाहिए।

जल एवं सिंचाई प्रबंधन

आडू के नए पत्ते निकलने और फलने से पहले भूमि में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। अत: अंकुरण के 8-10 दिन पूर्व बाग में अच्छी तरह सिंचाई कर देनी चाहिए। भूमि में सिंचाई के समय न पानी अधिक लगना चाहिए और न कम अर्थात सिंचाई प्रक्रिया में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। जब बाग में फल वृद्धि पर हों, तो आवश्यकतानुसार जल्दी-जल्दी सिंचाई करनी चाहिए। फसल पकने के कुछ दिन पूर्व सिंचाई बंद कर देनी चाहिए, इससे फल कुछ दिन पूर्व पक जाते हैं। वर्षा के अभाव में सिंचाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि पौधे पर सूखे का प्रभाव न पड़े।

खाद

ऑर्गेनिक खाद एक किलोग्राम माइक्रो भू पावर, एक किलोग्राम माइक्रो फर्टी सिटी कंपोस्ट, एक किलोग्राम भू पावर, एक किलोग्राम माइक्रो नीम ऑर्गेनिक मैन्युवर, एक किलोग्राम सुपर गोल्ड कैल्सिफर्ट इन सब खादों को अच्छी तरह मिलाकर मिश्रण तैयार कर एक साल से 5 साल तक के पौधों को एक किलोग्राम से 2 किलोग्राम तक प्रति पौधा खाद का मिश्रण तथा 6 साल से 12 साल तक के पौधे को 3 से 6 किलोग्राम तक प्रति पौधा तथा ज्यादा उम्र वाले पौधे को आधा किलोग्राम उम्र के हिसाब से प्रति वर्ष जैसे 20 साल के पौधे को 10 किलोग्राम ऑर्गेनिक खाद मिश्रण साल में 2 बार दिया जाना चाहिए और फूल आने के समय और फल लगने के समय माइक्रो झाइम 500 मिली लीटर और 2 किलोग्राम सुपर गोल्ड मैग्नीशियम 400 या 500 लीटर पानी में मिलाकर पर हेक्टेयर तर-बतर कर छिड़काव करना चाहिए।

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