वाशिंगटन । एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि एक सप्ताह में तीन या चार बार ब्रॉकली खाने से टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग, अस्थमा और कई तरह के कैंसर के
पनपने का खतरा कम हो सकता है। शोधकर्ताओं ने ऐसे जीन्स की पहचान की है, जो ब्रोकली में फीनोलिक यौगिकों के जमाव को नियंत्रित करते हैं। फ्लैवोनोइड समेत कई फीनोलिक यौगिकों के उपभोग से हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह, अस्थमा और कई तरह के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। अमेरिका के इलिनोइस विश्वविद्यालय के जैक जुविक ने कहा, ”फीनोलिक यौगिकों में अच्छी एंटी-ऑक्सीडेंट गतिविधि होती है। इस बात के प्रमाणों में वृद्धि होने लगी है कि ए एंटी-ऑक्सीडेंट गतिविधि उन जैवरासायनिक मार्गों को प्रभावित करती है, जो स्तनधारियों में प्रज्वलन से जुड़ी होती है। जुविक ने कहा, ”हमें प्रज्वलन की जरूरत होती है क्योंकि यह किसी बीमारी या नुकसान की प्रतिक्रिया है लेकिन यह कई बीमारियों से भी जुड़ी है। जिन लोगों के आहार में
इन यौगिकों की एक तय मात्रा होगी, उन्हेें इन बीमारियों की चपेट में आने का खतरा कम होगा।

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