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girl dead body found

बच्ची के शव की पहचान नहीं हो पाई है

  • जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के बाद हरियाणा में बच्ची से हैवानियत की आशंका, डीजीपी बीएस संधू ने रेंज के आईजी-एसपी से की बात
  • नहर में तैरते बैग से निकले 5-7 दिन पुराने शव की हालत खराब, डीजीपी बोले मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद होगा तय रेप हुआ या नहीं

निश्छल भटनागर। चंडीगढ़

उत्तर-प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में यौन अपराध से जुड़ी घटनाओं की सुलगती चिंगारी अब हरियाणा में दाखिल हो गई है। रोहतक जिले के टिटोली गांच की नहर में एक बैग से तकरीबन 8 से 10 साल की बच्ची के क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया है। शव की हालत बेहद खराब है और वो 5 से 7 दिन पुराना होने की संभावना जताई गई है। बच्ची की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्परता दिखलाते हुए एफएसएल टीम के एक्सपर्ट्स को मौके पर बुलवाते हुए तहकीकात शुरू कर दी है।

रविवार को रोहतक जिले के टिटोली गांव की नहर में एक बैग तैरता मिला

रविवार देर शाम को डीजीपी बीएस संधू ने ‘हिमाचल दस्तक’ से हुई बातचीत में साफ किया है कि बच्ची के साथ किसी भी हैवानियत से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट किया जा सकेगा। रोहतक एसपी समेत आईजी और हम सभी मामले को लेकर बहुत एलर्ट हैं। रविवार को रोहतक जिले के टिटोली गांव की नहर में एक बैग तैरता मिला, जिसमें लगभग 8-10 साल की बच्ची का शव मिला। बैग में से हाथ बाहर निकला हुआ था, जिसे नहर से सटे खेतों में काम करने वालों ने देखा और देखते ही पुलिस को इत्तेला की गई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने एफएसएल एक्सपर्ट्स की मदद से बैग खोला तो अंदर से 8 से 10 साल की बच्ची का शव पाया। शव देखकर प्राथमिक तौर पर यही पता लगा है कि वो करीब 5 से 7 दिन पुराना है, जिस कारण उसकी स्थिति खराब हो गई है। रविवार रात को खबर लिखे जाने तक बच्ची के शव की पहचान नहीं हो पाई थी।

सुनने में यही आ रहा है कि बच्ची की हत्या करके शव को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश हुई है, जिस कारण उसे बैग में रखकर नहर में बहा दिया गया। शव देखने के बाद इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि उसके साथ कोई हैवानियत हुई होगी, क्योंकि नहर में पाए गए बच्ची के शव का प्राइवेट पार्ट भी बाहर निकला हुआ बताया गया है। बच्ची के एक हाथ का पंजा भी गायब है। ऐसे में बच्ची के साथ किसी प्रकार की ज्यादती हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस पोस्टमार्टम कराने की तैयारी में है, लेकिन रविवार होने के कारण मेडिकल बोर्ड तय नहीं हो सका।

आपराधिक सोच रखने वालों में न कानून का कोई डर दिखलाई दे रहा है और न ऐसी घटनाओं में कोई कमी ही आ रही है

पुलिस का मानना है कि शव लगभग 5 से 7 दिन पुराना है। मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसके एक्सपर्ट्स ने पहुंच कर पड़ताल शुरू की। देर शाम तक पुलिस को बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका था। काबिले-गौर है कि उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में यौन अपराध की घटनाओं के बाद हरियाणा के रोहतक से आई ये खबर बेहद चिंताजनक और चौंका देने वाली है।

विशेषकर छोटी बच्चियों के साथ बढ़ते यौन अपराधों के मद्देनजर हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने हाल ही में विधानसभा में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ यौन अपराध में दोषी को फांसी की सजा दिलवाने का कानून भी बनाया है, लेकिन सख्त कानूनों के बावजूद आपराधिक सोच रखने वालों में न कानून का कोई डर दिखलाई दे रहा है और न ऐसी घटनाओं में कोई कमी ही आ रही है।

देर रात को ‘हिमाचल दस्तक’ के पॉलीटिकल एडिटर से बात करते हुए हरियाणा के डीजीपी बलजीत सिंह संधू ने कहा कि बच्ची के शव की पहचान नहीं हुई है, जिसे देखते हुए नहर से लगते थानों वाले जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे मालूम कराएं कि कम उम्र की कोई बच्ची गुजरे दिनों में लापता तो नहीं हुई। पहचान होने के बाद पता चलेगा कि बच्ची कौन है और कहां की रहने वाली है। शव देखने के बाद ऐसा बताया गया है कि बाहर किसी ने बच्ची को मारकर फेंका हुआ था। वैसे नहरों में काफी शव आते रहते हैं।

बच्ची के साथ किसी भी यौन अपराध की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता

जहां तक बच्ची के हाथ का पंजा गायब होने की बात है तो पानी में पड़े पुराने शव को जलीय जंतु भी खा जाते हैं। यमुना से निकलने वाली ये जवाहर लाल नेहरू कैनाल है, जो सोनीपत-रोहतक से निकल रही है और आगे नारनौल को जा रही है। उसी नहर के रजबाहे या डिस्ट्रीब्यूटरी में शव मिला है।

डीजीपी संधू ने कहा कि रोहतक के आईजी और एसपी से बात हुई है और वे भी मामले को लेकर बहुत गंभीर बने हुए हैं। वैसे पानी में शव 24 घंटे में ही गैस बनते रहने से फूल जाता है। बच्ची के साथ किसी भी यौन अपराध की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

डीजीपी संधू ने माना कि प्रदेश में छोटी बच्चियों से यौन अपराध में मौत की सजा का कानून पास होने के बाद भी लोगों में कानून का खौफ पैदा नहीं हुआ है। ऐसा घटनाएं बताती हैं कि जब तक ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक उनमें डर पैदा नहीं होगा।

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