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People in search of Shruti

15 पंचायतों के 700 लोगों ने छेड़ा सर्च अभियान, जान जोखिम में डालकर खोजबीन, चूड़धार यात्रा से वापस लौट रही मासूम हुई है गुम

हिमाचल दस्तक : चंद्र ठाकुर। नाहन : श्री चूड़धार यात्रा से वापस लौट रही लापता हुई छह वर्ष की मासूम श्रुति को ढूंढने के लिए रविवार को एक बड़ा सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस प्रशासन सहित क्षेत्र की 15 पंचायतों के करीब 700 से अधिक लोग मासूम की तलाश में रविवार को देर शाम तक डटे रहे।

हालांकि खबर लिखे जाने तक मासूम श्रुति का कोई पता नहीं चल पाया, मगर फिर भी लोग इसी उम्मीद के साथ तलाश में लगे रहे कि शायद कोई सुराग मिल जाए। रविवार को नौहराधार, चोरास, घंडुरी, चाडऩा, पुलवाहल व हरिपुरधार क्षेत्र के लोगों ने करीब 50 वर्ग किमी में फैले चूड़धार के जंगलो की खाक छानी। नौहराधार व्यापार मंडल ने भी बाजार बंद रख सर्च अभियान में भाग लिया। लोगों ने जान जोखिम में डालकर गुफाओं व कंद्राओं में अंदर घुसकर टार्च की रोशनी से इस सर्च अभियान को अंजाम दिया।

बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस सर्च अभियान में शामिल हुए। खतरनाक जंगल के चलते क्षेत्र के लोग जंगली जानवरो से निपटने के लिए घर से डंडे, दराट व डांगरे लेकर आए थे। लोगों को आशंका थी कि खूंखार जानवर मासूम को गुफा के भीतर ले जा सकते है। नौहराधार क्षेत्र के लोगों ने नौहराधार से शुरू होने वाले जंगल से ही मासूम की तलाश शुरू की। वहीं चोरास गांव से गए लोगों ने रोंडी के जंगल से व घंडुरी से गए लोगों ने तलागंना के जंगल से सर्च अभियान छेड़ा।

बिजेश्वर युवा संगठन चाढऩा की टीम के करीब 50 सदस्यों ने आइनधार, छिंडियारा और मलनों के जंगलों में मासूम को तलाश किया। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की टीम भी सर्च अभियान में डटी रही। खास बात यह रही कि इस सर्च अभियान में नव युवकों ने तो अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई ही वहीं एक 68 वर्षीय बुजुर्ग रामपाल ने भी युवाओं के साथ सर्च अभियान में जुड़कर उनका हौंसला बढ़ाया।
बिजेश्वर युवा संगठन चाढऩा के युवाओं का कहना है कि अभी वह आने वाले दो दिनों तक सर्च अभियान जारी रखेंगे।

बता दें कि इससे पहले ड्रोन कैमरा से भी क्षेत्र में सर्च अभियान छेड़ा गया, मगर कोई कामयाबी नहीं मिल पाई। डीएसपी संगड़ाह अनिल धौल्टा ने बताया कि रविवार को श्रुति की तलाश में पुलवाहल, नौहराधार, चाढऩा आदि क्षेत्रों में टोलियां बनाकर करीब 700 लोगों ने सर्च अभियान छेड़ा। दिन भर श्रुति की तलाश जारी रही मगर शाम तक श्रुति का कोई पता नहीं चल पाया था। यह अब तक का सबसे बड़ा सर्च
अभियान था।

 

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