Tax fraud accused on business remand

फर्जी पेपर ट्रांजेक्शन से की थी 15 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : सिरमौर जिला के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में कारोबार कर रहे दिल्ली के दो उद्योगपतियों को जीएसटी को लेकर चालाकी महंगी पड़ी है। स्टेट टैक्सिस एंड एक्साइज डिपार्टमेंट के साउथ इन्फोर्समेंट विंग के शिकंजे में फंसे कारोबारियों को अदालत ने पांच दिन के रिमांड पर भेजा है।

कसौली के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। सोमवार को परवाणु स्थित स्टेट टैक्सिस एंड एक्साइज के विंग ने यह कार्रवाई की थी। दिल्ली के ये दो कारोबारी सिरमौर जिला के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में व्यापार कर रहे थे। इन कारोबारियों पर जीएसटी का भुगतान न कर खजाने को करीब 15 करोड़ का चूना लगाने का आरोप है। इन्होंने 150 करोड़ रुपये के कारोबार की पेपर ट्रांजेक्शन दिखाई और जीएसटी का भुगतान नहीं किया। उक्त कारोबारी पुरानी बैटरियों से लेड इन्गॉट्स बनाते हैं। इसकी कीमत बाजार में कई हजार रुपये प्रति किलो है।

लेड इन्गॉट्स का उपयोग स्टील बनाने में किया जाता है। हिमाचल में उत्तर भारत में सबसे अधिक बैटरियां बनाई जाती हैं। ऐसे में लेड इन्गाट्स का राज्य में अच्छा खासा बिजनेस है। इन कारोबारियों ने दिल्ली के जिन तीन फर्म मालिकों से खरीद दर्शाई है। जांच करने पर उनमें से एक टैक्सी चालक, एक डेयरी हेल्पर व एक फैक्टरी कर्मचारी निकला। दोनों ने कारोबार के लिए किन्हीं और के पैन नंबर का इस्तेमाल किया और हिमाचल सरकार को चूना लगाया।

अब और होंगे इस केस में खुलासे

अदालत से रिमांड मिलने के बाद पूछताछ के दौरान उक्त कारोबारियों से और भी राज पता चलेंगे। जीएसटी की चोरी पकड़े जाने पर 5 साल तक सजा व आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। जीएसटी लागू होने के बाद से हिमाचल में टैक्स कम इक_ा हो पा रहा है। फिलहाल केंद्र सरकार जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स संग्रहण में आई कमी की भरपाई कर रहा है। ऐसे में स्टेट टैक्सिस एंड एक्साइज डिपार्टमेंट टैक्स कलेक्शन की सभी संभावनाओं को खंगाल रहा है और टैक्स चोरी के मामलों पर चौकस नजर रखी जा रही है।

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