News Flash
solar eclipse

अशुभ माना जाता है ग्रहण के समय खाना पीना, नहाना, पूजा-पाठ करना

नई दिल्ली
16 फरवरी को साल 2018 का पहला सूर्यग्रहण पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। ग्रहण के समय पूजा पाठ भी नहीं किया जाता है ना ही ग्रहण के समय कुछ खाया या पीया जाता है। हिंदू रीति रिवाज के अनुसार के ग्रहण खत्म होने के बाद सबसे पहले स्नान किया जाता है। उसके बाद मंदिर में पूजा पाठ किया जाता है और पूरे घर को गंगा जल से शुद्ध किया जाता है।

सूर्य ग्रहण उस समय लगता है जब चांद, पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहा जाता है। विज्ञान के अनुसार जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चांद आ जाता है जिसके कारण चांद सूर्य के प्रकाश को रोक देता है। जब और इस स्थिति में पृथ्वी पर काला साया छा जाता है जिसे सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है। सूर्य ग्रहण अक्सर अमावस्या के दिन होता है।

प्रेग्नेंट महिलाएं बरतें सावधानी

सूर्यग्रहण के समय किसी भी काम को करना शुभ नहीं माना जाता है। ग्रहण के समय प्रेग्नेंट महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ग्रहण के समय खाना पीना, भोजन करना अशुभ माना जाता है। इस समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। सूर्य ग्रहण के बाद दान करना करना काफी लाभकारी होता है।

भारत में दिखाई नहीं देगा

इस वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण फाल्गुन शुक्लपक्ष प्रतिपदा को लगेगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। प्रख्यात दिवंगत ज्योतिषाचार्य पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री विद्यालंकार के पुत्र पंडित शिव कुमार शर्मा ने जैतो में यह जानकारी दी।

खंडग्रास सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार

मध्य रात्रि 12.25 बजे से शुरू प्रात: 4.17 बजे पर समाप्त

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams