objective examination

कुछ मूलभूत बातों का ध्यान रखकर आप इन परीक्षाओं में सफलता पा सकते हैं

विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी उन बोर्ड परीक्षाओं से बहुत अलग होती है, जिसकी आदत विद्यार्थियों को पड़ चुकी होती है। अधिकांश प्रवेश परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव टाइप होती हैं। इस कारण परीक्षा के प्रति अप्रोच में परिवर्तन लाना पड़ता है। चाहे आप कोई भी प्रवेश परीक्षा दे रहे हों, अगर वह ऑब्जेक्टिव टाइप या कहें कि मल्टिपल च्वाइस (बहुविकल्प) एग्जाम है, तो कुछ मूलभूत बातों का ध्यान रखकर आप इन परीक्षाओं में सफलता पा सकते हैं…

एक स्पष्ट रणनीति बनाकर चलें। अपनी ताकत को पहचानें और उसे अधिक से अधिक उभारें। जिन प्रश्नों के उत्तर तुरंत नहीं सूझ रहे, उन्हें फिलहाल छोड़कर आगे बढऩे की आदत डालें। उन विषयों को पहचानें, जिनमें आप सहज नहीं हैं। किसी भी प्रवेश परीक्षा से पहले प्रैक्टिस टेस्ट जरूर हल करें। इस दौरान प्रयोग करके देखें कि आपको कौन-सी रणनीति सही लगती है।

सही चीजों पर फोकस करना टाइम मैनेजमेंट का अहम हिस्सा

मल्टिपल च्वाइस क्वेश्चन में बुद्धिमत्तापूर्ण अनुमान (इंटेलिजेंट गेसवर्क) का काफी स्कोप होता है। अत: प्रश्न का उत्तर यूं आपको न भी मालूम हो, तो दिए गए विकल्पों को पढ़कर, थोड़ा दिमाग लगाकर आप काफी हद तक सही उत्तर का अनुमान लगा सकते हैं। इस अनुमान की सटीकता भी आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर करेगी। सभी प्रवेश परीक्षाओं में टाइम मैनेजमेंट बेहद अहम होता है। इसकी आदत जरूर डालें। सही चीजों पर फोकस करना टाइम मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है।

यहां 80:20 का नियम याद रखें। आमतौर पर बिना फोकस के किए गए 80 प्रतिशत प्रयास केवल 20 प्रतिशत परिणाम ही देते हैं। यानी शेष 80 प्रतिशत परिणाम केवल 20 प्रतिशत (फोकस्ड) प्रयासों से प्राप्त किए जा सकते हैं। सभी बेसिक कंसेप्ट्स का रिवीजन कर लें और किसी भी टॉपिक पर दिए गए अधिक से अधिक प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें। आप जो परीक्षा देने जा रहे हैं, उसके मार्किंग पैटर्न पर भी गौर करें। यदि उसमें नेगेटिव मार्किंग होती है, तो बेहद सावधानी से तय करें कि किस प्रश्न का उत्तर देना है और किसे छोड़ देना है।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams