News Flash
fee reduced

आईएमसी की 37वीं बैठक में लिया गया निर्णय

हिमाचल दस्तक। शाहपुर

इस सत्र से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर में पेमैंट सीट के तहत अभियांत्रिकी व्यावसायों में दाखिल होने वाली जरुरतमंद महिला अभ्यर्थियों को पहले समैस्टर की फीस देने के बाद आगामी संपूर्ण फीस नहीं देनी पड़ेगी, बशर्त वह अपनी सभी समैस्टर परीक्षाओं में पास होती रहे। यह निर्णय शुक्रवार को संस्थान के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई आईएमसी की 37वीं बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता आईएमसी के चेयरमैन प्रीतम चौधरी ने की। बैठक में तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर के सहायक निदेशक महेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा इस बैठक में सदस्य सचिव ईं एसके लखनपाल, अन्य सदस्य तिलक राज शर्मा व रघुवीर सिंह, संस्थान के समूह अनुदेशक संतोष नारायण, अभिषेक बागवां व प्रदीप कुमार, कार्यालय अधीक्षक बुद्धि सिंह और प्रशिक्षु रोहित ने भाग लिया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निकट भविष्य में जो शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाने हैं उनके लिए स्टाफ की कार्यकुशलता बढ़ाने हेतु और नई मशीनरी की जानकारी हासिल करने के लिए सेंटर टूल रूम लुधियाना और निफ्ट कांगड़ा से बातचीत की गई है। इस कार्य के लिए लुधियाना में 20 पुरुष अनुदेशकों व प्रशिक्षकों का एक हफ्ते का खर्च दो लाख रुपये और कांगड़ा में 20 महिला अनुदेशकों व प्रशिक्षकों का एक हफ्ते का खर्च तीन लाख रुपए आएगा। इससे संबंधित एमओयू हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के साथ साइन कर लिया गया है। संस्थान के कांफ्रेंस हाल को वातानुकूल बनाया जाएगा।

annual examinations

इसके लिए मकैनिक आरएण्ड एसी व्यावसाय की कार्यशाला में स्थापित इन्डयरेक्ट एयर कंडीशनर प्लांट (5 टन) से सप्लाई दी जाएगी। संस्थान का अपना महिला छात्रावास बनकर तैयार हो गया है। इसके लिए एक हॉस्टल वार्डन, तीन चौकीदार, दो कुक और दो स्वीपर की नियुक्ति की जानी है। इस बारे में भी चर्चा की गई। आईएमसी के सदस्य सचिव ईं एसके लखनपाल ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा फेस वन में स्ट्राइव प्रोजेक्ट के माध्यम से विश्व बैंक द्वारा इस संस्थान को ढाई करोड रुपए की धनराशि अलाउट की जानी प्रस्तावित है। इसके लिए आईएमसी की सोसाइटी का पंजीकरण किया गया है, और सोसायटी ने अपना एक करंट अकाउंट कांगड़ा स्थित बैंक ऑफ इंडिया में खोल भी दिया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत पहले बर्ष 40 फीसदी राशि खर्च की जानी है। इसके खर्च करने के बाद ही दूसरी किस्त जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति भी प्लेसमेंट सेल के लिए की जानी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आईएमसी के तहत चलने वाले 30 व्यवसायों में से 10 व्यवसायों को इस सत्र से फ्री सीट में तब्दील कर दिया गया है। इस अवसर पर आईएमसी की वित्तीय स्थिति का विवरण भी संबधित सदन द्वारा अनुमोदन किया गया। आईएमसी के चेयरमैन प्रीतम चौधरी ने आश्वासन दिलाया कि कि इस संस्थान को और सुंदर व बेहतर बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। तकनीकी शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक महेंद्र सिंह ने यहां चल रहे कार्यों की प्रशंसा की और संस्थान की तमाम जरूरतों और समस्याओं के निदान के लिए भरोसा दिलाया।

This is Rising!

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams