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विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रोफेशनल होना व्यक्ति की काम के प्रति गंभीरता को दर्शाता है

उक्त व्यक्ति ‘वह तो बिल्कुल प्रोफेशनल है’, यह वाक्य अक्सर ऐसे कहा जाता है, जैसे कि वर्कप्लेस पर किसी का प्रोफेशनल होना उसकी खूबी न होकर उसका स्वार्थी और संवेदनहीन होना बताता हो। पर विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रोफेशनल होना व्यक्ति की काम के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। ऐसा व्यक्ति अपने और दूसरे, दोनों के काम के प्रति गंभीर होता है। यही वह एप्रोच है, जो व्यक्ति को अपने दूसरे सहकर्मियों की अपेक्षा सफलता के नजदीक तेजी से ले जाती है…

रोजगार पाने के लिए बेहतर अकादमिक रिकॉर्ड और काबिलियत के अलावा जिस चीज की जरूरत होती है, वह है आपका प्रोफेशनल रवैया। खासतौर पर कॉरपोरेट कल्चर में आगे बढऩे के लिए प्रोफेशनल सोच का होना बेहद जरूरी है। अकादमिक शिक्षा में कमजोर होने के बावजूद कोई व्यक्ति यदि सफलता की पायदान पर ऊंचे पहुंच जाता है तो उसमें एक बड़ी भूमिका उसकी प्रोफेशनल एप्रोच की होती है।

प्रोफेशनल स्किल क्यों जरूरी है?

सब कुछ जानना किसी के लिए भी संभव नहीं, लेकिन हम जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं या जहां हम कार्य कर रहे होते हैं, उससे जुड़ी हुई बातों की जानकारी और स्किल अवश्य सीखी और बढ़ाई जा सकती है। ज्यों-ज्यों आप आगे बढ़ते जाते हैं, कार्य की चुनौतियां बढ़ती जाती हैं, जिसके लिए खुद को अपडेट करना आवश्यक होता है।

उदाहरण के तौर पर यदि आप सोशल वर्क के फील्ड में हैं तो कंप्यूटर का ज्ञान शुरू में भले ही जरूरी न लगे, लेकिन आगे बढऩे के लिए इसका ज्ञान आवश्यक हो जाता है और कंप्यूटर सीखना आपकी प्रोफेशनल आवश्यकता हो जाती है। इस तरह प्रोफेशनल विकास स्वनिर्देशित और स्वतंत्र रूप से सीखने की एक प्रक्रिया है। इसमें हमें क्या सीखना है और क्या नहीं सीखना, इसका निर्धारण हम स्वयं करते हैं।

प्रोफेशनल स्किल के फायदे

किसी ऑफिस में जितना ज्यादा प्रोफेशनल माहौल होता है, वहां काम का माहौल उतना ही बेहतर होता है। इससे कर्मचारी न केवल अपने काम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं, बल्कि अपना अच्छा देने के लिए प्रेरित होते हैं। अपना काम किसी तरीके से निपटा देने और उसे अच्छे से करने में फर्क होता है।

उदाहरण के तौर पर आपके ऑफिस में यदि शिफ्टों में काम होता है तो आप अपने बाद आने वाले लोगों के लिए अपने मेज साफ-सुथरी छोड़ कर अपनी अलग पहचान और छवि बना सकते हैं। इसके अलावा आपके बातचीत का तरीका, कपड़े पहनने का सलीका, साथियों के साथ ऑफिस में निकटता, टीम भावना आदि ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान रख कर आप दूसरों का भरोसा जीत सकते हैं और खुद को बेहतर कर्मचारी साबित कर सकते हैं। जानें आप कैसे बन सकते हैं प्रोफेशनल-

दूसरों की भी सुनें :

ऑफिस में अपने साथियों की अथवा बॉस की बातों को ध्यान से सुनना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि आप किसी बात को ध्यान से सुन रहे हैं। बातचीत एकतरफा नहीं, बल्कि इंट्रैक्टिव होनी चाहिए।

टीम भावना :

अपने साथियों की मदद का मतलब अपनी मदद करना होता है। मित्रता और भरोसा कायम करें। यदि किसी को कोई दिक्कत हो तो स्वयं पहल करें।

कभी हार न मानना :

कोई भी काम जो आपको अथवा आपकी टीम को दिया जाए, उसे असंभव न मानें और न ही यह प्रदर्शित करें कि यह मुश्किल है। किसी भी समस्या को मिल कर हल करने की कोशिश करें। ऐसा करना बॉस व मैनेजमेंट से फ्रेंडली बनाता है।

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