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पढ़ाई के लिए हिमाचल के लड़के-लड़कियां दिल्ली और चंडीगढ़ जाते हैं

हिमाचल की युवा शक्ति में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि हिमाचल के युवाओं को घर-द्वार पर ही टॉप क्लास कोचिंग की सुविधा मिले, तो वे सिविल सर्विस परीक्षाओं में सबको पछाड़ सकते हैं। यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेश के युवाओं को घर-द्वार पर ही उच्च स्तरीय कोचिंग अब शिमला में ही उपलब्ध हो चुकी है…

सोनिया शर्मा, शिमला

देश के टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में पढ़ाई के लिए हिमाचल के लड़के-लड़कियां दिल्ली और चंडीगढ़ जाते हैं। इसमें पैसा भी अधिक खर्च होता है और उन्हें घर से दूर रहकर पढ़ाई करनी पड़ती है। एएलएस यानी अल्टरनेटिव लर्निंग सिस्टम्स शिमला के जरिए अब युवा शिमला में ही रहकर पढ़ाई कर आईएएस, आईपीएस और आईएफएस सहित यूपीएससी की 23 अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर अपना सपना पूरा कर सकते हैं। दिल्ली व चंडीगढ़ सहित देश के अन्य महानगरों में मिलने वाली बेहतरीन कोचिंग एएलएस शिमला सेंटर में उपलब्ध है।

बड़ी बात यह है कि शिमला में एएलएस द्वारा उपलब्ध कोचिंग का फीस स्ट्रक्चर दिल्ली-चंडीगढ़ से काफी कम है और क्वालिटी भी महानगरों के सेंटर जैसी ही है। उल्लेखनीय है कि एएलएस संस्थान कोचिंग के क्षेत्र में भारत के टॉप मोस्ट संस्थानों में है। देश भर में एएलएस के 75 से अधिक सेंटर हैं और हिमाचल का पहला सेंटर शिमला में खुला है। शिमला में यह सेंटर पंथाघाटी स्थित पासपोर्ट ऑफिस के अपोजिट वर्मा बिल्डिंग में खुला है।

एएलएस शिमला सेंटर की खासियत

एएलएस सेंटर शिमला का प्रमुख लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को उच्च स्तरीय कोचिंग प्रदान करना है, ताकि वे सिविल सर्विस परीक्षा पास करने का सपना पूरा कर सकें। एएलएस शिमला सेंटर में वी-सैट के जरिए पढ़ाई होती है। एएलएस के दिल्ली सेंटर से पूरे देश में कक्षाएं लगती हैं। शिमला सेंटर में भी एएलएस दिल्ली सेंटर के जरिए ही लाइव इंटरेक्टिव क्लासेज लगती हैं। एएलएस शिमला सेंटर में बड़े-बड़े हाईटैक क्लास रूम्स हैं। यहां लाइब्रेरी की सुविधा भी है और यह लाइब्रेरी सभी के लिए हर समय खुली है।

लाइब्रेरी में कंपीटिटिव एग्जाम्स से संबंधित विभिन्न पत्र-पत्रिकाएं व किताबें हैं। शिमला सेंटर में सुबह 7:30 बजे से रात के 8:45 बजे तक विभिन्न सत्रों में सिविल सर्विस परीक्षा के लिए कोचिंग क्लासेज चलती हैं। यह कोचिंग तीन हिस्सों या बैच में विभाजित है। स्नातक फाइनल ईयर व पीजी के स्टूडेंट्स के लिए एक साल, सेकेंड ईयर वालों के लिए दो साल व स्नातक फस्र्ट ईयर वाले स्टूडेंट्स के लिए तीन साल का कोर्स उपलब्ध है। वर्किंग क्लास एस्पायरेंट्स के लिए इवनिंग व वीकेंड बैच भी चलाया जा रहा है।

सिविल सर्विस परीक्षा कोचिंग का पहला बैच शुरू

एएलएस शिमला सेंटर (पंथाघाटी)में आईएएस के लिए पहला बैच 19 जून से शुरू हो गया है। यहां 9 जुलाई से सिविल सर्विस परीक्षा के लिए हिंदी माध्यम से कोचिंग मिलेगी। साधनहीन युवाओं, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों व पुलिस जवानों के परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फीस में छूट दी जाएगी। इसके अलावा एकमुश्त फीस भरने वालों को भी छूट दी जाएगी।

हिमाचल के युवाओं के लिए बड़ी राहत की बात यह है कि एएलएस शिमला सेंटर की फीस देश के अन्य सेंटर्स के मुकाबले बहुत कम है। यहां सालाना फीस महज 85 हजार रुपये है। तय वर्गों के बच्चों को छूट अलग से है। यूपीएससी परीक्षा 2018-19 की कोचिंग के तहत प्री-मेन्स व ऑप्शनल की पढ़ाई वी-सैट से करवाई जाएगी। जिन युवाओं ने सिविल सर्विस 2017-18 पास की है, उनके लिए मुख्य परीक्षा के लिए नि:शुल्क करंट अफेयर्स क्रैश कोर्स की सुविधा दी जाएगी।

एएलएस की ही तर्ज पर नीट व जेईई की कोचिंग में बड़ा नाम अवंति को भी यहां शिमला सेंटर से जोड़ा गया है। यहां नीट व जेईई के लिए दो साल का प्रोग्राम है। प्लस वन व प्लस टू के छात्रों के लिए ये कोचिंग प्रोग्राम्स हैं।

स्कॉलरशिप टैस्ट के टॉपर को निशुल्क कोचिंग

एएलएस शिमला सेंटर सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग लेने वालों को कई सुविधाएं देगा। एएलएस का सफलता का मूल मंत्र नियमित अभ्यास है। यहां नियमित रूप से टैस्ट होंगे। साल में तीन सौ लेक्चर दिए जाएंगे। एक लेक्चर तीन घंटे का होगा और इस तरह साल भर में कुल 900 घंटों की पढ़ाई होगी। कोचिंग के लिए प्रवेश लेने वाले सभी युवाओं को एक बैग और 25 किताबें निशुल्क दी जाएंगी।

स्कॉलरशिप टैस्ट में टॉप करने वाले को कोई फीस नहीं भरनी होगी। उस टैस्ट में टॉप तीन में आने वालों को भी फीस में आकर्षक छूट होगी। एएलएस सेंटर शिमला 4 अगस्त को मेगा सेमीनार का आयोजन करेगा। इस सेमीनार में एएलएस सेंटर दिल्ली के कोचिंग की दुनिया के माने हुए मेंटोर मनीष गौतम शामिल होंगे। समारोह में हिमाचल के माननीय मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है। यहां याद दिला दें कि एएलएस शिमला सेंटर के 27 अप्रैल को शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज पधारे थे।

यह है एएलएस शिमला सेंटर का मकसद

हिमाचल से कई युवा कोचिंग लेने के लिए विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए दिल्ली व चंडीगढ़ जाते हैं। इस कारण उन्हें अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है। कोचिंग की फीस के अलावा रहने व खाने का खर्च अलग से और मौसम की दुश्वारियां भी झेलनी पड़ती हैं। एएलएस शिमला की सेंटर हैड उषा नेगी के अनुसार यह हिमाचल का पहला एएलएस सेंटर है। इसका मकसद प्रदेश के युवाओं को घर-द्वार पर ही टॉप क्लास कोचिंग उपलब्ध करवाना है।

चूंकि हिमाचल में बहुत सी प्रतिभाएं साधनों के अभाव में पिछड़ जाती हैं, लिहाजा उन्हें कम से कम फीस में कोचिंग की सुविधा देने के लिए यह सेंटर शुरू किया गया है। यहां दिल्ली व चंडीगढ़ के मुकाबले सालाना फीस बेहद कम है। उन्होंने बताया कि शिमला सेंटर के जरिए अधिक से अधिक युवा टॉप क्लास कोचिंग का लाभ उठाएं, यही सेंटर का प्रयास है।

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