shashi kapoor funeral

पुलिसकर्मियों ने उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेट रखा

मुंबई
सत्तर और अस्सी के दशक में रुपहले पर्दे पर अपनी रुमानी अदाओं से लोगों को दीवाना बनाने वाले दिग्गज अभिनेता शशि कपूर का यहां सांताक्रूज शमशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। लंबे समय से बीमार चल रहे शशि कपूर का सोमवार यहां कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 79 वर्ष के थे। उनका मंगलवार को यहां करीब बारह बजे कड़ी सुरक्षा के बीच राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। करीब पौने बारह बजे एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर जुहू में उनके घर से शमशान घाट लाया गया था।

उनके अंतिम संस्कार के मौके पर उनकी तीनों संतान बेटे कुणाल एवं करण तथा बेटी संजना तथा कपूर परिवार के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं। पुलिसकर्मियों ने उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेट रखा था जिसे बाद में कर्मकांड के लिए हटाया गया। हिंदी सिनेमा में चार दशक से अधिक समय गुजारने वाले इन दिवंगत अभिनेता के सम्मान में तीन राउंड गोलियां चलाई गईं। उसके पश्चात एक मिनट का मौन रखा गया और फिर विद्युत शवदाह गृह में उनकी अंत्येष्टि हुई।

चक्रवात और भारी वर्षा की चेतावनी के बावजूद सैकड़ों की संख्या में उनके प्रशंसक छाते लेकर और रेनकोट में शमशान घाट पर पहुंचे थे। अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, श्याम बेनेगल, शाहरुख खान, सैफ अली खान, अयान मुखर्जी, हंसल मेहता, नंदिता दास, लारा दत्ता, उनके पति महेश भूपति, लेखक सलीम खान और महाराष्ट्र के नेता रामदास अठवाले समेत विभिन्न हस्तियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

चांद देखने के अपने शौक के चलते बलबीर राज बन गए शशि कपूर

नई दिल्ली। मशहूर अभिनेता शशि कपूर के बारे में शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि उनका यह नाम उन्हें कैसे मिला। जन्म लेने के बाद उनका नाम बलबीर राज पड़ा था, लेकिन यह नाम उनकी मां को पसंद नहीं था। चूंकि वह घंटों अपना समय चांद को देखने में बिताया करते थे इसलिए उनकी मां ने उन्हें शशि कहना शुरू कर दिया। शशि कपूर का जन्म 18 मार्च 1938 को पृथ्वीराज कपूर और रामसरनी कपूर के घर कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ था।

उन्हें कपूर परिवार की परंपरा के अनुसार बलबीर राज नाम दिया गया लेकिन रामसरनी को यह नाम पसंद नहीं था और वह इससे खुश नहीं थी। उन्होंने उनका नाम बदल कर शशि कपूर रख दिया क्योंकि वह बैठ कर घंटों तक चांद को देखा करते थे।पिछले साल प्रकाशित असीम छाबडा की पुस्तक शशि कपूर : द हाउसहोल्डर, द स्टार में इस बात का जिक्र है। शशि कपूर की किडनी की समस्या के कारण 79 साल की उम्र में सोमवार को मुंबई में निधन हो गया था।

पुस्तक में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि उनके बड़े भाई राज कपूर उन्हें टैक्सी कहा करते थे। राज कपूर अपने भाई के बारे में बताने के लिए टैक्सी शब्द का इस्तेमाल करते थे जब वह सत्यम शिवम सुंदरम के लिए शशि से सख्ती से तारीख लेने की कोशिश करते थे। कई अभिनेता फिल्म में मुख्य भूमिका अदा करने के लिए कतार में खड़े थे। राज ने यह महसूस किया कि उनकी आत्मकथा से मिलती जुलती इस सिनेमा में भूमिका अदा करने के लिए उनके भाई सबसे फिट हैं।

ये पहुंचे बॉलीवुड से

शशि साहब को अंतिम श्रद्धांजलि देने अमिताभ बच्चन, अभिषेक, ऐश्वर्या राय, श्वेता नंदा, काजोल, नीतू कपूर, रणबीर, करीना, सैफ, बोनी कपूर, ऋषि कपूर, रानी मुखर्जी, करन कपूर, संजना सहित कई सेलेब्स पहुंचे।

पुलिस ने दी सलामी

  • 2011 में शशि को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।
  • इसी वजह से केंद्र सरकार द्वारा खास उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई गई।
  • इसके लिए पुलिस ने न सिर्फ गन फायर की बल्कि स्पेशल ड्रिल के साथ उन्हें सलामी भी दी।

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