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Pokhran test

Poker testing : नई दिल्ली  : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पोकरण – 2 परमाणु परीक्षण की 20 वीं वर्षगांठ पर आज इसकी सराहना करते हुए इसे एक साहसिक फैसला बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस कदम ने अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व के साहस को प्रदर्शित किया।

भारत ने राजस्थान में थार मरूस्थल के पोखरण में 11 और 13 मई 1998 को पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण किया था।
कोविंद ने कहा कि 1998 के पोकरण परमाणु परीक्षण ने देश की वैज्ञानिक क्षमता और राजनीतिक इच्छा को प्रदर्शित किया तथा इसके कारण भारत को देखने के दुनिया के नजरिए में दूरगामी बदलाव आया। उन्होंने अपने पूर्वाधिकारी एपीजे अब्दुल कलाम के योगदान को याद किया, जिन्होंने परीक्षण के लिए तैयारियां करने वाली वैज्ञानिक टीम का नेतृत्व किया था। कोविंद ने परीक्षण के लिए आगे बढऩे का साहस दिखाने के लिए वाजपेई की भी सराहना की, जो उस वक्त प्रधानमंत्री थे। राष्ट्रपति ने कहा, 1998 में तत्कालीन सरकार ने आज ही के दिन परीक्षण करने और वैश्विक स्तर पर भारत को स्थापित करने का साहसी निर्णय किया था।

मई 1998 में पोखरण परीक्षण देश की वैज्ञानिक क्षमता और राजनीतिक इच्छा शक्ति को प्रदर्शत करता है। कोविंद ने 20वें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर नवोन्मेषकों को पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि देश का परमाणु कार्यक्रम ऐसे समय में तिल तिल करके आगे बढ़ाया गया, जब प्रौद्योगिकी नहीं मिल रही थी। उनका इशारा 1974 में परमाणु परीक्षण के बाद भारत के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध को लेकर था। इसके कारण भारत को परमाणु और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्राप्त करने पर रोक लगी थी। राष्ट्रपति ने कहा कि 1998 के परमाणु परीक्षण से भारत को देखने के दुनिया के नजरिए में दूरगामी प्रभाव पड़ा और यह प्रभाव हमारे सामरिक संबंधों, विदेश नीति और हमारे अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी गठजोड़ के संदर्भ में था। इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान 1974 में किए गए परमाणु परीक्षण के बाद भारत के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने यह कहा।

अमेरिका के नेतृत्व में लगाए गए प्रतिबंधों ने भारत को अहम परमाणु और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से वंचित कर दिया था। उन्होंने कहा कि भारत चंद्रमा पर जाने के चंद्रयान 2 मिशन की तैयारी कर रहा है और औषधि एवं टीका के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक संदेश में देश के वैज्ञानिकों के कौशल की सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, मई 1998 में ऐतिहासिक परमाणु परीक्षण करने के लिए हम अपने राजनैतिक नेतृत्व के साहस और वैज्ञानिकों के कौशल का गर्व के साथ स्मरण करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के इस युग में युवाओं को प्रौद्योगिकी के विविध आयामों की जानकारी होनी चाहिए।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार एक ऐसी पारिस्थितकी का सृजन करने के लिए अनेक कदम उठा रही है जिससे श्रेष्ठ शोध, नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर हम अपने वैज्ञानिकों और तकनीकीविदों का नमन करते हैं।

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