मुख्य सचिव ने डीपीसी से पहले वैकेंसी कन्फर्म करवाने को कहा , दिल्ली लिस्ट गई तो ज्यादा पीसीसीएफ बनाने पर होगी जवाब तलबी,  इस महीने रिटायर हो रहे गौरेया, एक माह और लेट होगा चयन

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : वन विभाग के नए मुखिया के चयन में नया पेंच फंस गया है। मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने नए हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स यानी होफ के चयन के लिए फॉरेस्ट से आई फाइल पर लिखा है कि चयन से पहले वैकेंसी कन्फर्म करवाई जाए।

वर्तमान होफ जीएस गौरेया इसी महीने 31 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं। अब वैकेंसी कन्फर्म करने के लिए दिल्ली केस भेजा गया तो जरूरत से ज्यादा क्रिएट किए गए पीसीसीएफ के पदों पर भी जवाब देना होगा। आईएएस में एसीएस की तरह फॉरेस्ट में भी पीसीसीएफ के अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं, ताकि सीनियर वन अधिकारियों को प्रमोशन और हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड प्लस स्केल दिया जा सके। वर्तमान में 1982 बैच के जीएस गौरेया के बाद अजय कुमार दूसरे नंबर पर हैं, जो 1984 बैच के आईएफएस अफसर हैं। वह अभी फाइनांस देख रहे हैं। फिर पीसीसीएफ एसी शर्मा हैं जो मैनेजमेंट संभाल रहे हैं।

यह भी 1984 बैच के ही हैं। फिर डॉ. आरसी कंग हैं जो वाइल्ड लाइफ देख रहे हैं। वह 1985 बैच से हैं। फिर इसी बैच के वीआरआर सिंह हैं, जो वर्तमान में स्टेट डेपुटेशन पर मिड हिमालयन प्रोजेक्ट में हैं। अजय कुमार के बाद राकेश कुमार थे, जो रिटायरमेंट ले चुके हैं और तेजिंद्र सिंह भारत सरकार में हैं। इसी लिहाज से अजय कुमार अगले होफ दिख रहे हैं, लेकिन यह डीपीसी पर निर्भर करेगा। यदि वेकेंसी कन्फर्म करने के लिए फाइल दिल्ली गई तो आब्जेक्शन को क्लीयर करने में एक महीना और जाया होगा।

सीएम से मिल सकते  हैं आईएफएस अफसर

नए मुखिया के चयन में देरी होने की संभावना को देखते हुए कुछ आईएफएस अफसर सीएम जयराम ठाकुर से भी मुलाकात कर सकते हैं। यह तर्क दे रहे हैं कि जब कैबिनेट के अनुमति से पहले भी पद क्रिएट होते रहे हैं, तो होफ का पद भरने में क्या परेशानी है? कई साल बाद अब दोबारा दिल्ली मामला भेजने की प्रणाली क्यों अपनाई जा रही है?

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