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8 dead, Sri Lanka die, 210 deaths

500 से ज्यादा हुए घायल द्वीपीय राष्ट्र में यह अब तक का सबसे भयावह हमला , मृतकों में 03 भारतीयों समेत ३५ विदेशी नागरिक भी , पुलिस ने 7 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

कोलंबो : श्रीलंका में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में एक के बाद एक हुए आठ विस्फोटों में समाचार लिखे जाने तक मरने वालों की संख्या 2१० हो चुकी थी और 500 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। द्वीपीय राष्ट्र में यह अभी तक का सबसे भयावह हमला है। मृतकों में 3 भारतीय नागरिकों समेत 35 विदेशी शामिल हैं।

पुलिस ने सात संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों- शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। होटल में हुए विस्फोट में घायल विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कोलंबो में 45, नेगेम्बो में 90 और बट्टिकलोवा में 27 लोगों की मौत हो गई। वहीं 450 से अधिक लोग धमाकों में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल में मौजूद 45 शवों में से नौ की पहचान विदेशी नागरिकों के तौर पर हुई है। इनमे कुछ अमेरिकी और ब्रिटिश हैं। आठवें विस्फोट के तुरंत बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से कफ्र्यू लगा दिया।

 

  • सोशल मीडिया मेसेजिंग सर्विस पर पाबंदी  
  • कफ्र्यू के साथ दो दिन का अवकाश घोषित
  • सुबह 8:45 बजे एक साथ 6 जगह हुए ब्लास्ट

3 चर्च व 3 होटलों को बनाया निशाना

धमाके श्रीलंका समयानुसार सुबह 8.45 पर हुए। एक विस्फोट राजधानी कोलंबो के कोचचिकड़े में स्थित सेंट एंथोनी चर्च में हुआ। दूसरा धमाका नेगोंबो के कटुवापिटीया चर्च में और तीसरा धमाका बट्टीकलाओ चर्च में हुआ है। इसके अलावा राजधानी कोलंबो के पांच सितारा होटल, शंगरी-ला होटल, सिनेमन ग्रांड और किंग्सबरी में भी धमाके हुए हैं।

2006  में हुआ था बड़ा हमला

दिगमपाठना हमले में मारे गए थे 120 नाविक

श्रीलंका में इससे पहले 2006 में हमला हुआ था। यह हमला लिट्टे ने करवाया था। इस हमले को दिगमपाठना बॉम्बिंग के नाम से जाना जाता है। लिट्टे ने बम से भरे ट्रक से मिलिट्री की 15 बसों पर हमला किया था। इसमें 120 नाविक मारे गए थे।

राष्ट्रपति ने की शांति बनाए रखने की अपील

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा कि मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं। सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।राजधानी में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर अस्थायी रोक लगा दी है।

यह कायराना हमला : पीएम विक्रमसिंघे

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे ‘कायराना हमला’ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ट्वीट किया कि मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं। सरकार स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।

दुख की घड़ी में भारत श्रीलंका के साथ: मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं श्रीलंका में हुए भयानक विस्फोटों की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे क्षेत्र में इस तरह के बर्बरतापूर्ण कृत्य के लिए कोई जगह नहीं है। पीएम ने राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ में एक चुनावी सभा में कहा कि श्रीलंका में जो कुछ भी हुआ है। भारत पूरी मजबूती के साथ श्रीलंकावासियों के साथ खड़ा है।

दुनिया भर में हमले की निंदा

“घटना का शिकार हुए लोगों के साथ मेरी सहानुभूति है। इसके खिलाफ हम सबको एकजुट होकर खड़े होना चाहिए ताकि कोई भी धार्मिक कार्य करते वक्त डर में न रहे। “
-थेरेसा मे, ब्रिटिश पीएम

“चर्चों और होटलों पर हुए आतंकी हमले को लेकर मेरी संवेदनाएं। हम हर तरह की मदद को तैयार हैं। “
-डोनाल्ड ट्रंपअमेरिकी राष्ट्रपति

“अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ जंग में हमेशा सहयोग देंगे।”
-व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति रूस

बाल-बाल बचीं तमिल अभिनेत्री

चेन्नई। प्रसिद्ध तमिल अभिनेत्री राधिका शरद कुमार श्रीलंका में हुए बम धमाकों में बाल-बाल बची हैं। वह कोलंबो के उस होटल से कुछ ही देर पहले निकली थीं जिसमें धमाका हुआ।

अब तक श्रीलंका में हुए बड़े हमले

11 जून, 1990 को श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में आतंकी हमले में लिट्टे ने 600-774 पुलिसकर्मियों का नरसंहार कर दिया था।
18 जुलाई, 1996 को मूलाथिवी कैंप में नरसंहार, 207 की मौत।
3 अगस्त, 1990 कुटानकुडी की मस्जिद में 147 मारे गए।
14 मई, 1985 अनुराधापुरा नरसंहार में 146 की मौत।
31 जनवरी, 1996 को कोलंबो सेंट्रल बैंक में धमका, 113 मरे।

दक्षिण एशिया में बड़े हमले

पल्लियागोडेला हत्याकांड: 172 की मौत, 83 जख्मी (1992)
इंडोनेशिया: 202 मौत (2002)
मुंबई ट्रेन ब्लास्ट: 187 मौत, 700 से ज्यादा जख्मी (2006)
मुंबई आतंकी हमला: 174
की मौत, 300 से ज्यादा
घायल (2008)
पाकिस्तान: 132 बच्चों की मौत, 245 से ज्यादा घायल (2014)

भारतीय उच्चायुक्त ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने ट्वीट किया । कोलंबो और बट्टिकलोवा में विस्फोट हुए। भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता, मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं।
+94777903082, +94112422788, +94112422789।

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