नए मेंबर लगाने या भंग करने पर चुनाव के बाद लेंगे फैसला , चुनाव के बाद इन्वेस्टर मीट की तैयारी में जुटेगी सरकार , विदेशों में करवाए जाएंगे रोड शो

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : राज्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खुलकर बोले हैं। ‘हिमाचल दस्तक’ से विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि माहौल ट्रिब्यूनल को जारी रखने के खिलाफ है। सरकार ने जैसे ही ट्रिब्यूनल में दो मेंबर भरने की प्रक्रिया शुरू की, कई जनप्रतिनिधियों, संगठन के लोगों और नेताओं ने इसका विरोध किया है।

कारण तबादलों पर अंधाधुंध स्टे हैं, जो मेरिट पर नहीं दिखते। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद सरकार फैसला लेगी कि ट्रिब्यूनल को जारी रखना है या बंद करना है। इससे पहले वह विधायकों से भी राय लेंगे। गौरतलब है कि ट्रिब्यूनल में वर्तमान में केवल दो न्यायिक सदस्य हैं और दो प्रशासनिक सदस्यों का चयन भी हो गया है।

इनमें मुख्यमंत्री के ही अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी और इसी महीने रिटायर होने वाली अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा शामिल हैं, लेकिन सरकार ने चयन की फाइल होल्ड कर रखी है। लोकसभा चुनाव से फ्री होने के बाद के लक्ष्यों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद इन्वेस्टर मीट की तैयारियों को पूरा किया जाएगा। विदेशों में रोड शो होंगे।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक पैकेज के पांच साल में भी हिमाचल में केवल 19000 करोड़ का निवेश आया था, जबकि प्री इन्वेस्टर मीट में ही 17000 करोड़ के एमओयू साइन हो गए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए इन्वेस्टर मीट एक बड़ा माध्यम बनेगी।

सरकारी सेवा में अब सेवा विस्तार नहीं देंगे

सेवा विस्तार पर पूर्व कांग्रेस सरकार की आदत पकडऩे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पीडब्ल्यूडी में एक अधिकारी को चुनाव आचार संहिता में सेवा विस्तार दिया गया था, लेकिन इसका मकसद सड़कों की टारिंग आदि के काम को गति देना था। सरकारी सेवा में अब सरकार और किसी को सेवा विस्तार नहीं देेगी।

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