मतदान ड्यूटी और सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने ईडीसी के जरिए डाले वोट, कुल वोट थे 49 और पड़ गए 70, 15256 फीट की ऊंचाई में स्थित है यह पोङ्क्षलग बूथ

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : राज्य के लाहौल-स्पीति जिले में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे पोलिंग बूथ टाशीगंग में इस बार कुल 142.86 फीसदी वोटिंग हुई। 15,256 फीट की ऊंचाई वाले इस मतदान केंद्र में कुल वोटर 49 थे, लेकिन वोट पड़ गए 70 ।

इतनी वोटिंग की वजह यह है कि 49 मतदाताओं में से तो कुल 36 ही वोट पड़े, लेकिन मतदान ड्यूटी और सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने यहां इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट यानी ईडीसी के जरिये वोट डाले। चूंकि यहां चुनाव ड्यूटी पर सारा स्टाफ लाहौल जिला का ही था और संसदीय क्षेत्र भी मंडी ही था, इसलिए इन्हें यह विकल्प आसानी से मिल गया।

ईडीसी से वोट डालने वालों सेक्टर अफसर, पुलिस कर्मी और पोलिंग पार्टी शामिल थी। यह मतदान केंद्र दो गांवों के लिए ग्रामीण विकास विभाग के पर्यटन सूचना केंद्र में बनाया गया था। इसे आदर्श मतदान केंद्र का दर्जा दिया गया था। यहां पारंपरिक पहनावे में लोगों ने मतदान किया। वाद्ययंत्रों की थाप के बीच मतदाताओं का स्वागत भी यहां किया गया। इसी कारण आसपास के पोलिंग स्टाफ ने भी यहीं ईडीसी से वोट डाला। जिसके कारण मतदान प्रतिशतता सौ फीसदी से भी बढ़ गई।

लाहौल में ही की बूथ पर भी 112 फीसदी पोलिंग हुई। वृद्धाश्रम के कारण यहां सहायक बूथ बनाया गया था, जिसमें कुल 16 वोटर थे। लेकिन वोट पड़े 18, यह भी पोलिंग स्टाफ की वोटिंग के कारण हुआ। हालांकि लाहौल जिला का कुल मतदान प्रतिशत 62.97 फीसदी रहा है, जो प्रदेश में धर्मपुर के बाद सेकंड लास्ट है। मंडी जिला के धर्मपुर में सबसे कम 62.74 फीसदी वोट पड़े हैं।

सबसे कम 2.99% वोट भी लाहौल में

टाशीगंग मतदान केंद्र पर सबसे ज्यादा मतदान का रिकार्ड इस तरह बना, लेकिन सबसे कम मतदान प्रतिशतता का रिकॉर्ड भी लाहौल-स्पीति में ही रहा। यहां गियू बूथ पर सबसे कम 2.99 फीसदी वोट पड़े। यह भी यहां तैनात पोलिंग स्टाफ के थे। कुल 167 वोटर्स के लिए बनाए गए इस बूथ पर नाराज लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया।

Published by surinder thakur

IT Head Himachal Dastak Media P. Ltd. Bypass Road kangra Kachiari H.P.

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