Cheating students in the name of cyber law

गड़बड़ : प्रोस्पेक्टस में कोर्स का जिक्र नहीं और काउंसलिंग को बुला लिया , मात्र 6 छात्रों की एडमिशन नियमानुसार चाहिए 20 

हिमाचल दस्तक : सोनिया शर्मा। शिमला :एचपीयू के लॉ विभाग में साइबर लॉ कोर्स शुरू करने के नाम पर छात्रों के साथ धोखा हुआ है। बिना नोटिफिकेशन निकाले ही एचपीयू प्रशासन ने काउंसलिंग के लिए बुला लिया। इस बारे में संबंधित विभाग को भी पूरी जानकारी नहीं है।

जानकारी के मुताबिक एचपीयू प्रशासन इसे हर हाल में लॉ डिपार्टमेंट में शुरू करना चाह रहा है। तीन वर्ष पूर्व एचपीयू प्रशासन ने लॉ विभाग में साइबर क्राइम विषय शुरू करने का प्रपोजल तैयार किया था। उस समय भी छात्रों की संख्या बेहद कम थौर और कोर्स के लिए 20 छात्र भी नहीं जुट पाए। एचपीयू प्रशासन ने निर्णय लिया कि कम आवदेनों के चलते सभी आवेदन रद किए जाएं और साइबर लॉ कोर्स दूरवर्ती संस्थान से चलाया जाए।

उसके बाद दोबारा अब तीन साल बाद एचपीयू ने नई कोई नोटिफिकेशन नहीं निकाली और छात्रों ने पूरानी ही नोटिफिकेशन पर आवेदन कर दिया। इनमें कुछ छात्र एचपीयू काउंसलिंग के लिए भी कैंपस पहुंच गए, लेकिन प्रशासन ने कोई शेड्यूल तैयार नहीं किया था। परेशान छात्र जब वीसी के पास पहुंचे तो विभागाध्यक्ष को छात्रों की काउंसलिंग के लिए कहा गया।

साथ ही आदेश दिए गए कि 18 जुलाई को दोबारा काउसंलिंग की तिथि निकाली जाए, ताकि जो छात्र साइबर लॉ कोर्स में एडमिशन के इच्छुक हैं, उन्हें प्रवेश मिल सके। इस बार केवल छह छात्रों ने आवेदन किया है, लेकिन कोर्स शुरू करने के लिए कम से कम 20 छात्रों की संख्या होना जरूरी है। वहीं, लॉ डिपार्टमेंट के इस बार छपे प्रोस्पेक्टस में साइबर लॉ कोर्स का कोई जिक्र ही नहीं है। एक वर्षीय कोर्स की फीस करीब 35 हजार है।

ऐसे में एचपीयू ने किस आधार पर छात्रों के आवदेन स्वीकार किए और काउंसलिंग के लिए कैसे बुलाया गया, यह भी साफ नहीं है। एचपीयू की मानें तो साइबर लॉ कोर्स छात्रों के लिए बेहद जरूरी है। पिछले कई सालों से छात्र संगठन भी इस कोर्स को शुरू करने की मांग उठा रहे हैं लेकिन तीन साल में इस कोर्स के लिए कोई भी आवेदन नहीं आया था। इसमें सेल्फ डिफेंस जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं।

“एचपीयू की ओर से जिन छात्रों ने साइबर लॉ कोर्स के लिए आवेदन किया है, उनकी काउंसलिंग 18 जुलाई को रखी गई है। मात्र 6 छात्रों ने आवेदन किए हैं। “
-प्रो. सुनील देष्टा, डीन  ऑफ लॉ, एचपीयू

 

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