चिट्टे समेत घातक संथेटिक नशों की चपेट में बीबीएन , औद्योगिकरण के चलते पैसे ने भटकाए युवा, नशे की राह पर

हिमाचल दस्तक : ओम शर्मा। बीबीएन :  प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र चिट्टे समेत घातक नशों की चपेट में है। औद्योगिकरण के बाद से जहां लोगों का आर्थिक विकास हुआ वहीं अब पैसे ये चकाचौंध आने वाली पीढ़ी के विनाश का कारण बन रही है।

औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन की युवा पीढ़ी, स्कूली बच्चे चिट्टे समेत अन्य संथेटिक नशों की चपेट में है। नामी और साधन संपन्न परिवारों के बच्चे क्षेत्र से बाहर चिट्टे जैसे घातक नशे से बाहर आने को उपचार करवा रहे हैं। वहीं जिला पुलिस अभी तक बीबीएन में नशे के नेटवर्क को भेदने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।

बीबीएन के चिट्टे की जकड़ में आने का खुलासा बद्दी में बतौर एसपी रहे आईपीएस गौरव सिंह ने किया था। इस दौरान कई मामले पकड़े गए थे। उस दौरान पुलिस ने तेजी के साथ नशे के कारोबार पर नुकेल कसी थी। लेकिन गौरव सिंह के तबादले के बाद नशा कारोबारियों के हौसले फिर बुलंद हो गए, जिसके चलते आज बीबीएन पूरी तरह से घातक नशों के मकडज़ाल में फंस चुका है।

 इंजेक्शनों से नसों में उतारा जा रहा है चिट्टा जहर

बीबीएन में हालात दिन व दिन बदत्तर होते जा रहे हैं। युवा पीढ़ी इंजेक्शनों के माध्यम से चिट्टा जहर नसों में उतार है। डा. धर्मपाल शर्मा, कैमिस्ट पदम शर्मा, चंदन कौशल, टेक चंद, पंकज कौशल, गौतम शर्मा ने बताया पिछले कुछ समय से सिरिंज व इंजक्शन वॉटर की अत्याधिक मांग है। कई युवा मेडिकल स्टोरों पर बिना पर्ची के सिरिंज और इंजक्शन वॉटर लेने आते हैं। जागरूक कैमिस्ट तो बिना पर्ची के यह सामान उपलब्ध करवाते नहीं लेकिन कुछ कैमिस्टों द्वारा सिरिंज व इंजेक्शन वॉटर दोगुने पैसे लेकर बेचे जा रहे हैं।

डा. धर्मपाल शर्मा का कहना है कि जिस तरह से सिरिंजों के माध्यम से चिट्टे जैसा जहर सीधा नसों में उतारा जा रहा है उससे आने वाले पीढ़ी विनाश की राह पर जा रही है। लोगों का कहना है कि बीबीएन में आईपीएस गौरव सिंह जैसे पुलिस अफसर ही नशा माफिया का सफाया कर सकता है। जिला पुलिस अभी तक नशे को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

 नशा कारोबारियों की निशाने पर युवा पीढ़ी, दिया जाता है लालच

बीबीएन में पुलिस की नाकामी के चलते युवा पीढ़ी नशा कारोबारियों के निशान पर है। जहां युवाओं को नशे की लत लगाई जा रही है वहीं नशा बेचने के गोरखधंधे में उतारा जा रहा है। पुष्ट सूत्रों के अनुसार इन दिनों चिट्टा सिरिंजों में भरकर सिरिंजे बेची जा रही हैं और इस काम के लिए युवाओं और स्कूली बच्चों को मोहरा बनाया जा रहा है। जो युवा चिट्टे की लत में जकड़े हैं उन्हें नशा और पैसों दोनों का लालच दिया जाता है।
” बीबीएन पंजाब हरियाणा की सीमा से सट्टा होने के कारण अपराधिक दृष्टिगत से यहां पर पुलिस के लिए काफी चुनौतियां हैं। स्टाफ की कमी के बावजूद जिला पुलिस दिन रात नशा कारोबारियों पर नुकेल कसने के लिए प्रयासरत हैं। जनसहयोग के बिना पुलिस के लिए नशा माफिया पर नुकेल कसना कठिन हैं। लोग अगर नशे की सूचना को आगे आते हैं तो पुलिस और तेजी से नशा करोबारियों पर नुकेल कस सकती है। नशे के नेटवर्क को भेदने के अथक प्रयास किए जा रहे हैं। “
—– खजाना राम, डीएसपी, पुलिस जिला बद्दी।

………. बीबीएन ब्यूरो …………

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams