IAS cadre review file stuck in Delhi

काडर को 146 से बढ़ाकर 155 करने का प्रस्ताव दिया था हिमाचल ने, बैठक में सहमति बनने के बाद नहीं सिरे चढ़ी प्रक्रिया रिमाइंडर भेजा

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : राज्य का आईएएस एवं एचएएस काडर रिव्यू दिल्ली में फंस गया है। इस कारण हिमाचल में आईएएस अफसरों की कमी से आने वाले कुछ ओर महीनों तक जूझना पड़ सकता है।

केंद्र ने हिमाचल के काडर रिव्यू के प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं दी है। चार महीने पहले केंद्रीय कार्मिक विभाग में इसको लेकर रिव्यू बैठक हुई थी। इस बैठक में हिमाचल ने आईएएस अफसरों के काडर को 146 से बढ़ाकर 155 करने का प्रस्ताव दिया था। इसे बैठक में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। राज्य में अभी तक 146 में से 30 से ज्यादा आईएएस केंद्रीय प्रतिनियुक्ति या अपने स्टेट काडर में गए हैं। इस कारण राज्य में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के पास ज्यादा विभाग हैं ।

आला अधिकारियों के पास पांच से छह बड़े विभागों को जिम्मा है। इससे दिल्ली में हो रही बैठकों से लेकर राज्य में हो रही विभागों की समीक्षा बैठकों में ही महीने निकल रहे हैं। रूटीन के काम विभागों के लटक रहे हैं। राज्य के कार्मिक विभाग ने केंद्रीय कार्मिक विभाग को पहले भी पत्र भेजे थे। पिछले सप्ताह भी इसको लेकर केंद्रीय विभाग को पत्र भेजा है। सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिलने के बाद आला अधिकारियों की कमी पूरी हो सकेगी। हिमाचल के अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक आरडी धीमान ने माना कि केंद्रीय कार्मिक विभाग से यह मामला फिर उठाया है।

अभी 30 आईएएस अफसर हैं डेपुटेशन पर

वर्तमान में 30 से ज्यादा आईएएस सेंट्रल डेपुटेशन पर हैं। इसमें तरुण श्रीधर, रजनीश, सुभाषीश पांडा, के संजय मूर्थि, केके पंत से लेकर अन्य आला अधिकारी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों ने अपने स्टेट काडर में डेपुटेशन ली है। राज्य में जयराम सरकार बनने के बाद से लगातार ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए आईएएस अधिकारियों को वापस बुलाने के लिए पत्र भी लिखे। इसके बाद पहले वर्तमान में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल और मनोज कुमार वापस लौटे हैं।

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