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Kalka-Shimla Train

6 से घटाकर 3 घंटे का सफर बनाने के 2 ट्रायल फेल

हिमाचल दस्तक : नवीन शर्मा। सोलन : कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे रूट पर सफर का समय कम करने हेतु किए गए ट्रायल फेल हो गए हैं। योजना के तहत कालका से शिमला तक के सफर की अवधि को 6 घंटे से घटाकर 3 घंटे किया जाना है, जो अब तक हुए ट्रायल के बाद मुमकिन नहीं लग रहा।

अब तक हुए दो ट्रायल में सर्वश्रेष्ठ समय शिवालिक एक्सप्रेस ने निकाला है जो चार घंटे और 40 मिनट का है। ट्रायल में जो कुछ कटौती हो पाई है वो स्टापेज अवधि कम करके हासिल हुई है, न की गति बढ़ाकर। हालांकि आगामी दिनों में तीन और ट्रायल प्रस्तावित हैं लेकिन बहरहाल ये योजना सिरे चढ़ती नहीं दिख रही। विदित रहे कि बीते माह अपने शिमला दौरे के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बाबत रेलवे के अफसरों को संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए थे।

इसके लिए अफसरों को छह माह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर सौंपने को कहा गया था। रेल मंत्री के निर्देश के बाद डिवीजन कार्यालय ने ग्राउंड स्तर पर इस हेतु ट्रायल करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे इस रूट पर कई ट्रायल कर चुका है, लेकिन गति बढ़ाने में कामयाबी नहीं मिली है। हालांकि इसके लिए 6 माह का समय दिया गया है लेकिन ट्रायल के बाद जानकार इस योजना को सिरे से खारिज कर रहे हैं।

“रेल मंत्री ने कालका-शिमला रूट पर यात्रा अवधि तीन घंटे किए जाने हेतु संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए थे। साल के अंत तक इस हेतु रिपोर्ट सौंपी जानी है। फिलहाल ट्रायल किए जा रहे हैं ।” 
-दिनेश कुमार, डीआरएम, अंबाला डिवीजन।

अधिक घुमाव बन रहे बाधा
कालका-शिमला रूट पर 48 डिग्री तक के 900 से भी अधिक घुमाव है। यानी हर किलोमीटर के सफर में करीब 10 घुमाव आते है। ऐसे में इस रूट पर गति बढ़ाना तभी मुमकिन है जब इस घुमावों को कम किया जा सके।

10 किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ानी होगी गति

96 किलोमीटर लंबे कालका-शिमला रूट पर वर्तमान में ट्रेन की गति 22.5 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जिसे विशेष परिस्थितियों में बढ़ाकर 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक किया जाता है। यदि ट्रेन नॉन स्टाप भी दौड़े तो भी तीन घंटे का लक्ष्य हासिल करने के लिए 32 किलोमीटर प्रति घंटा की गति आवश्यक है, जो इस रूट पर बिना आधारभूत बदलाव के मुमकिन नहीं है।

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