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Lok Sabha speaker will be BJP MP Om Birla

राजग के पास निचले सदन में स्पष्ट बहुमत, प्रधानमंत्री मोदी व राजनाथ सिंह ने प्रस्तावित किया था नाम

नई दिल्ली : लगातार दूसरी बार भाजपा की टिकट पर लोकसभा सदस्य चुने गए ओम बिड़ला लोकसभा के अध्यक्ष पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी होंगे। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया इस पद के लिए बिड़ला की ओर से उनकी दावेदारी का नोटिस मिल गया है।

बिड़ला ने निर्धारित समय दोपहर 12 बजे से पहले अपनी दावेदारी का नोटिस पटल कार्यालय को सौंप दिया। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिड़ला (आयु 57 वर्ष) का लोकसभा अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है क्योंकि सत्तासीन राजग के पास निचले सदन में स्पष्ट बहुमत है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि बिड़ला के नाम के प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा बीजद और राजग के घटक दलों शिवसेना, अकाली दल तथा लोजपा सहित अन्य दलों के सदस्य शामिल हैं।

लोकसभा पटल कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि बिड़ला के नाम के प्रस्तावकों के नोटिस शाम चार बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए बिड़ला के अलावा अभी किसी अन्य सदस्य की ओर से दावेदारी का नोटिस नहीं मिला है।

3 बार विधायक दूसरी बार सांसद

नेता होने के साथ-साथ ओम बिड़ला एक व्यवसायी भी हैं। केंद्र की राजनीति में आने से पहले बिड़ला राजस्थान की सियासत में सक्रिय रहे हैं। वह कोटा दक्षिण सीट से 3 बार विधायक निर्वाचित हुए। 2008 में वह एक बार फिर विधायक निर्वाचित हुए। 2013 में लगातार तीसरी बार ओम बिड़ला विधानसभा की चौखट पार करने में कामयाब रहे। इसके बाद अगले साल आम चुनाव में उन्हें बीजेपी ने कोटा-बूंदी संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और वह पहली बार सांसद बने।

सांसद अधीर रंजन चौधरी लोस में कांग्रेस के नेता

 राहुल गांधी ने जिम्मेदारी लेने से किया था इनकार

 नई दिल्ली : 17वीं लोकसभा का सत्र शुरू होने से पहले आखिरकार यह साफ हो गया है कि लोकसभा में कांग्रेस का नेता कौन होगा। पार्टी ने पश्चिम बंगाल से सीनियर सांसद अधीर रंजन चौधरी को अपना नेता चुना है। खुद अधीर ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस किसी चेहरे को खोज रही थी और अब उनकी तलाश इस वरिष्ठ नेता पर जाकर रुकी है। अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को ही बाकी सदस्यों के साथ संसद सदस्य के रूप में शपथ ली थी।

इसके बाद अधीर ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा के नेता की जिम्मेदारी सौंपी है। वह बोले कि कांग्रेस ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है। मुझे सबसे आगे खड़े रहने को कहा है। मैंने भी हामी भर दी। हम पैदल सिपाही जैसे हैं और पैदल सिपाही आगे रहते हैं। मैं उसी तरह लड़ूंगा। इस पद से लिए अधीर रंजन चौधरी का नाम पहले से चल रहा था। उनके नाम के अलावा केरल से सांसद के सुरेश पर भी चर्चा थी। वह केरल की कांग्रेस यूनिट के वर्किंग प्रेजिडेंट हैं। दोनों ने संसद सत्र से पहले लोकसभा की सर्वदलीय बैठक में पार्टी की नुमाइंदगी की थी।

बंगाल कांग्रेस के मजबूत नेताओं में शुमार हैं चौधरी ये नाम भी थे चर्चा में

चौधरी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने 3.56 लाख मतों से जीत हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस को देशभर में केवल 44 सीटों पर जीत मिली थी। सदन के नेता के पद के लिए चौधरी के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी, सांसद शशि थरूर, केरल प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के. सुरेश के नाम भी चर्चा में थे। पिछली लोकसभा में मल्लिकार्जुन खडग़े ने कांग्रेस का नेतृत्व किया था मगर इस बार वे चुनाव हार गए हैं।

 

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