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New IT policy is ready, the goal is 15000 jobs

आईटी के पांच सेक्टर रखे गए प्राथमिकता में , आईटी उद्योगों को नए इन्सेंटिव देगा हिमाचल

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : हिमाचल की नई आईटी पॉलिसी तैयार हो गई है। कैबिनेट ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और अब सिर्फ इन्सेंटिव का विश्वलेषण वित्त विभाग कर रहा है। नई पॉलिसी का लक्ष्य अगले 10 साल में राज्य में 15000 नौकरियां आईटी सेक्टर में पैदा करना है।

पहली बार आईटी पॉलिसी को सेक्टर वार बनाया गया है। कुल पांच सेक्टरों पर हिमाचल का फोकस रहेगा। इनमें आईटी, आईटी एनेबल्ड सर्विसिज, इलेक्ट्रॉनिक मैनुफेक्चरिंग, बीपीईओ और डाटा सेंटर शामिल है। पॉलिसी में कहा कि इन सभी उद्योगों के लिए राज्य सरकार न केवल लीज और स्टांप ड्यूटी में छूट देगी, बल्कि कई नए इन्सेंटिव भी दिए जाएंगे। अगले 10 साल में ये इन्सेंटिव सालाना करीब 150 करोड़ के होंगे। प्रदेश सरकार ने 13 साल बाद नीति में व्यापक संशोधन किया है।

हालांकि पूर्व की वीरभद्र सरकार ने आईटी पॉलिसी 2006 में संशोधन के लिए प्रयास किए थे। तीन बार ड्राफ्ट तैयार किया गया, लेकिन यह फाइनल नहीं हो पाया। इस बार इन्वेस्टर मीट के कारण बने माहौल में इसमें भारी परिवर्तन किए गए हैं। नई आईटी पॉलिसी लागू होने से प्रदेश में सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर निवेश हो सकता है।

आईटी पॉलिसी में केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया स्कीम के तहत नए सिरे से नियम बनेंगे। वर्तमान में केंद्र की ओर से मिलने वाली राशि 90:10 का रेशो जारी है और इसके आधार पर ही आईटी के क्षेत्र में प्रदेश में विकास कार्य होंगे। आईटी विभाग ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया के पूर्व निदेशक एवं केंद्रीय प्रमुख रजनीश अग्रवाल से नई पॉलिसी के लिए ड्राफ्ट तैयार करने में सहयोग मांगा था।

ग्राम पंचायतों तक ऑनलाइन होंगी सेवाएं

आईटी पॉलिसी में प्रदेश की सभी पंचायतों को लोकमित्र केंद्रों से जोडऩे और गांव तक के सरकारी दफ्तरों को ऑनलाइन करने का प्रावधान भी है। नई आईटी पॉलिसी लागू होने के बाद प्रदेश की सभी पंचायतों को लोकमित्र केंद्रों से जोड़ दी जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से प्रदेशवासियों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए ही नई आईटी पॉलिसी को लाने की तैयारी की गई।

हिमाचल में ही बनेंगे डाटा सेंटर और सर्वर

आईटी पॉलिसी में क्लाउड डाटा सेंटर हिमाचल में ही बनाने का प्रावधान है। इससे न सिर्फ डाटा मैनेजमेंट होगी, बल्कि सर्वर भी इंडिया से बाहर नहीं जाएंगे। इसी तरह आईटी एनेबल्ड सर्विसिज और बीपीईओ शुरू करने से युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे कई आईटी कंपनियां हिमाचल का रुख करेंगी और युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

नई आईटी पॉलिसी तैयार है। कैबिनेट में दी गई प्रेजेंटेशन के दौरान वित्त विभाग ने भी इस पर सहमति दे दी है। केवल इन्सेंटिव का विश्लेषण हो रहा है। हमारा लक्ष्य त्वरित सेवाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
-रोहन चंद ठाकुर, निदेशक, सूचना एवं प्रौद्योगिकी।

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