News Flash
Ordinance issued for relief to businessmen

20 लाख से कम टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी से बाहर, टैक्स रिटर्न और करों का भुगतान भी अब त्रैमासिक हो सकेगा

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : राज्य सरकार ने अपने वादे को पूरा करते हुए राज्य के छोटे कारोबारियों को राहत दी है। 20 लाख सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से बाहर करने के लिए अब अध्यादेश जारी किया गया है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत की ओर से जारी इस अध्यादेश को अब लागू कर दिया गया है। इस बारे में 12 अक्तूबर को हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला हुआ था, लेकिन अध्यादेश आने में करीब एक महीना लग गया। अब इस अध्यादेश को आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में रखा जाएगा। इससे दो तरह की राहत कारोबारियों को मिलेगी। हिमाचल प्रदेश जीएसटी 2018 संशोधन अध्यादेश के तहत अब न्यूनतम कर योग्य कारोबार को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।

यानी यदि कारोबारी प्रदेश से बाहर कारोबार नहीं करता और इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं लेता तो उसे जीएसटी में पंजीकरण की जरूरत नहीं है। इससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। छोटे करदाताओं को आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है और अब वे यह रिटर्न मासिक की बजाय त्रैमासिक जमा कर पाएंगे तथा करों का भुगतान भी त्रैमासिक किया जाएगा। ये दोनों प्रावधान अध्यादेश जारी होने के साथ ही लागू हो गए हैं।

स्कूलों में दी जाएगी बाल श्रम की जानकारी

राज्य सरकार ने स्कूलों में बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी देने का फैसला लिया है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश बाल श्रम प्रतिशेध एवं विनियमन नियमों में संशोधन किया गया है। इसमें बताया गया है कि बालक एवं कुमार इस कानून की दायरे में आएंगे और इनसे श्रम लेने वालों के लिए सजा का प्रावधान होगा। इस कानून की जानकारी के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में के जरिए इसकी जानकारी दी जाएगी। सिनेमा में बाल कलाकारों से किस तरह काम किया जा सकता है, यह प्रावधान भी इसमें किया गया है।

 

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams