Parwanoo-Solan forelane project in losses of 50 crores

ग्रिल कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण बना परियोजना को पूरा करना, जून, 2019 तक मांगा समय

हिमाचल दस्तक : भूपेंद्र ठाकुर। सोलन : परवाणू-सोलन फोरलेन प्रोजेक्ट 50 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है। ग्रिल कंपनी के लिए प्रोजेक्ट को पूरा कर पाना बेहद चुनौतीपूर्ण बन चुका है। प्रोजेक्ट की अवधि मार्च, 2018 में समाप्त हो चुकी है।

भू-स्खलन व सरकारी सुस्ती की वजह से कंपनी ने काम पूरा करने के लिए जून, 2019 तक का समय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण बोर्ड से मांगा है। जानकारी के अनुसार परवाणू-सोलन फोरलेन प्रोजेक्ट का टेंडर सितंबर, 2015 में ग्रिल कंपनी को जारी किया गया था। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को बोर्ड से 748 करोड़ रुपये में लिया था। 39 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन प्रोजेक्ट तीस माह में पूरा किया जाना था। जानकारी के मुताबिक कंपनी ने शुरुआाती दौर में काफी तेजी से काम किया।

अभी प्रोजेक्ट शुरू हुआ ही था कि एनजीटी ने वृक्षों के कटान पर रोक लगा दी। करीब दस माह तक यह रोक लगी रही, जिसकी वजह से फोरलेन का कार्य कई जगह ठप पड़ गया। बताया जा रहा है कि अभी भी कटिंग के लिए कंपनी को धर्मपुर, शमलेच, रबौण सहित कई क्षेत्रों में जमीन नहीं मिल रही है, जिसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है।

18 प्रतिशत जमीन अभी तक सरकार कंपनी के हवाले नहीं कर पाई है। बरसात के दिनों में होने वाला नुकसान कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। आए दिन बारिश की वजह से मलबा व चट्टाने मार्ग पर आ रही हैं। मलबे को हटाने में ही करोड़ों खर्च हो चुका है। सूत्रों की माने तो जून, 2019 में यदि यह प्रोजेक्ट पूरा होता है तो इसकी निर्माण लागत 748 करोड़ से बढ़कर 800 करोड़ रुपये तक जा सकती है। लगातार नुकसान झेलना कंपनी के लिए मुश्किल होता जा रहा है।

बोर्ड के लिए भी गले की फांस बना प्रोजेक्ट

राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण बोर्ड के लिए भी अब यह प्रोजेक्ट गले की फांस बन चुका है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग मंत्रालय से अधिकारियों को आए दिन लताड़ पड़ रही है। ऐसे में कंपनी पर जल्द से जल्द काम को पूरा किए जाने का दबाव भी बन रहा है।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण बोर्ड के परियोजना निदेशक एसएम स्वामी का कहना है कि ग्रिल कंपनी ने प्रोजेक्ट को पूरा किए जाने के लिए जून 2019 तक का समय मांगा है, लेकिन अभी बोर्ड ने अनुमति नहीं मिली है।

34 माह में 50 प्रतिशत हुआ काम

सितंबर, 2015 में परवाणू सोलन फोरलेन का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन अभी तक केवल 50 प्रतिशत काम पूरा हो पाया है। यदि फोरलेन का कार्य इसी कछुआ गति से चलता रहा तो अभी दो से तीन वर्ष तक का समय लग सकता है।

“बरसात व अन्य कारणों से करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कंपनी द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित समय अवधि में परवाणू-सोलन फोरलेन का काम पूरा कर दिया जाए।”          -दवाशीष पात्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर, ग्रिल कंपनी

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams