Political rise of Himachal on the excuse of Nadda

राज्य से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता,चार सीटों वाले छोटे से हिमाचल प्रदेश का बढ़ेगा रुतबा, मोदी-शाह के भरोसे सांगठनिक कौशल ने पहुंचाया शीर्ष पर

राजेश मंढोत्रा। शिमला : जेपी नड्डा के बहाने यह हिमाचल के राजनीतिक उदय का समय है। चार सीटों वाले छोटे से प्रदेश हिमाचल से संबंध रखने वाले जगत प्रकाश नड्डा अब विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। इसमें भी कोई शंका नहीं कि संगठन चुनाव पूरा होने के बाद नड्डा पूरी तरह इस पद पर होंगे। इससे पहले हमीरपुर से सांसद केंद्रीय मंत्रिमंडल में वित्त एवं कॉरपोरेट मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।

नड्डा की इस नियुक्ति से राज्य का राजनीतिक तौर पर रुतबा बढ़ेगा। इसका एक अर्थ यह भी है कि राज्य की जयराम सरकार की भारत सरकार में पूछ बढ़ेगी और राज्य के मामलों को गंभीरता से सुना जाएगा। नड्डा के हस्तक्षेप से जयराम सरकार भारत सरकार से कई तरह की मदद ले सकती है। यही नहीं, भाजपा उनकी इस नियुक्ति के बहाने राज्य में पहली बार सरकार को रिपीट करवाने की रणनीति पर अब काम कर रही है, क्योंकि सबको पहले से ही आभास था कि नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं।

इससे पहले हिमाचल से कोई भी नेता इस पद तक नहीं पहुंच पाया है। 59 साल के जेपी नड्डा को पिछली मोदी सरकार में बतौर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहते किए काम और 2019 के चुनाव में यूपी के प्रभारी रहते दिखाए सांगठनिक कौशल का इनाम मिला है। उनके मंत्री रहते ही विश्व की सबसे बड़ी हेल्थ बीमा स्कीम आयुष्मान भारत लांच हुई।

मोदी सरकार को रिपीट करवाने में इस योजना का भी योगदान है। संगठन के काम में जेपी नड्डा पहले से ही पीएम मोदी और अमित शाह के भरोसेमंद थे। ऐसे में अमित शाह के मोदी मंत्रिमंडल में जाने के बाद से ही ये अटकलें तेज थीं कि जेपी नड्डा संगठन में शीर्ष पद पर जाएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वह जेपी नड्डा अब इतने ताकतवर होंगे, जितनें केंद्रीय मंत्री बनने से भी नहीं होते।

मंत्री पद त्याग कर दिल्ली गए थे जेपी नड्डा: जेपी नड्डा अब जिस पद पर हैं, उसकी नींव 9 साल पहले उनके उस फैसले पर रखी गई थी, जो कम ही राजनेता कर पाते हैं। पिछली धूमल सरकार में जेपी नड्डा कैबिनेट मंत्री का पद छोड़कर 2010 में दिल्ली रवाना हुए थे। तब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी थे और उन्होंने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। फिर राजनाथ सिंह और अमित शाह के साथ काम करने के बाद अब वह खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर हैं।

मुख्यमंत्री जयराम और मंत्रियों ने बधाई दी जेपी नड्डा को

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जेपी नड्डा को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी नियुक्ति हिमाचल के लिए गौरव की बात है और ऐसा केवल भाजपा जैसे लोकतांत्रित दल में ही संभव है। आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने भी नड्डा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल का रुतबा राष्ट्रीय स्तर पर इस नियुक्ति से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इसे राज्य को लाभ होगा।

एबीवीपी से विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के मुखिया

बिहार में जन्मे और हिमाचल में पले-बढ़े जेपी नड्डा ने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया था। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में एबीवीपी से वह पहले छात्र संघ अध्यक्ष बने थे। जेपी नड्डा वर्ष 1977 से लेकर वर्ष 1990 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में अहम पदों पर रहे। नड्डा ने वर्ष 1989 में भ्रष्टाचार के खिलाफ 45 दिन की जेल यात्रा भी झेली है। वर्ष 1989 में देश में आम चुनाव में जेपी नड्डा को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया।

महज 31 साल की आयु में ही जेपी नड्डा वर्ष 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने थे। फिर वह हिमाचल की राजनीति में सक्रिय हुए और 1993 में बिलासपुर सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने। नड्डा 1993 से 1998, 1998 से 2003 और 2007 से 2012 तक बिलासपुर सदर सीट से चुनाव जीते। वह हिमाचल सरकार में स्वास्थ्य तथा वन मंत्री भी रहे। बाद में वह केंद्र की राजनीति में आए। अप्रैल, 2012 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया और कई संसदीय समितियों में रहे। वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता भी रहे।

 

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