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Polling on four seats in the state today

 53.30 लाख वोटर्स करेंगे 45 प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला, 7730 पोलिंग बूथ बनाए गए , 186 आदर्श मतदान केंद्र , 136 केंद्र महिला कर्मियों के हवाले 

रविंद्र पंवर। शिमला : प्रदेश की चार सीटों के लिए रविवार को मतदान होगा। राज्य में कुल 5330154 मतदाता हैं। इनमें 27,14111 पुरुष, जबकि 26,05993 महिला मतदाता हैं, जबकि 47 ट्रांसजेंडर भी मतदान करेंगे। इनके लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 7723 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जबकि 7 सहायक मतदान केंद्र भी स्थापित हैं। राज्य में 186 आदर्श मतदान केंद्र हैं और 136 पोलिंग स्टेशन पर केवल महिला कर्मचारी ही चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाएंगी। प्रदेश भर में केंद्रीय बल की 41 कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि प्रदेश पुलिस के 10 हजार और होमगार्ड के भी 9 हजार जवान मोर्चा संभालेंगे।

लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से लेकर 66 दिन तक चले लंबे प्रचार अभियान के बाद शनिवार शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम गया था। इसी के साथ राज्य में 48 घंटों के लिए शराब बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रदेश के चार संसदीय क्षेत्रों कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और आरक्षित शिमला सीट पर कुल 45 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इनमें सर्वाधिक 17 प्रत्याशी मंडी लोकसभा क्षेत्र में है, जहां हर मतदान केंद्र पर दो-दो ईवीएम लगाई जा रही हैं। इसके बाद हमीरपुर व कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में 11-11 उम्मीदवार और शिमला सीट पर केवल 6 प्रत्याशी चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा व कांग्रेस के अलावा अन्य राष्ट्रीय दल और आजाद उम्मीदवार भी शामिल हैं।

प्रदेश में 999 शतकवीर डालेंगे वोट: प्रदेश में 999 शतकवीर भी हैं, जो सौ वर्ष से अधिक आयु पार कर चुके हैं और इस बार भी 17वीं लोकसभा के लिए मतदान करेंगे। इनमें कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 293 शतकवीर हैं, जबकि लाहौल-स्पीति में सबसे कम 5 मतदाता सौ वर्ष से अधिक आयु के हैं। इसी तरह हमीरपुर में 125, मंडी में 122, ऊना में 103, बिलासपुर में 83, शिमला में 74, चंबा में 72, सिरमौर में 52, सोलन में 40, कुल्लू में 24 और जिला किन्नौर में 6 शतकवीर मतदाता हैं।

मतदान को 12 में से एक पहचान पत्र जरूरी : चुनाव के दौरान मतदान करने के लिए चुनाव आयोग ने 12 किस्म के पहचान पत्रों को अधिकृत किया है, जिनमें वोटर को कोई एक अपने साथ लाना आवश्यक है। इनमें मतदाता फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य व केंद्र सरकार का कर्मचारी पहचान पत्र, बैंक व डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैनकार्ड, स्वास्थ्य बीमा योजना, आधार कार्ड शामिल है।

दुर्गम क्षेत्रों में मुश्किल से पहुंचे चुनाव कर्मी

प्रदेश के अति दुर्गम क्षेत्रों में मतदान करवाने के लिए चुनाव कर्मी काफी मुश्किलों का सामना करके भी पहुंच गए हैं। इनमें मुख्य रूप से कुल्लू जिला के शागटी मतदान केंद्र तक जाने के लिए भी चुनाव कर्मियों को 16 किमी का पैदल सफर तय करना पड़ा और चुनाव सामग्री खच्चरों पर ढोई गई। यहां बिजली न होने के कारण सोलर लाइट से ईवीएम को चलाया जाएगा। इसी तरह शिमला जिला के डोडरा में पंडार मतदान केंद्र के लिए भी 11 किमी का पैदल सफर हुआ। कांगड़ा जिला के बड़ा भंगाल के लिए भी पैदल रास्ता तय करना पड़ा, जबकि पांगी-भरमौर के कई मतदान केंद्र के लिए भी चुनाव कर्मी पैदल ही पहुंचे।

देश के पहले मतदाता का विशेष सम्मान

देश की पहली लोकसभा के पहले मतदाता किन्नौर जिला के कल्पा निवासी श्याम शरण नेगी का इन चुनाव में विशेष सम्मान किया जाएगा। उन्हें मतदान केंद्र तक लाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। नेगी को सरकारी वाहन में लाया जाएगा और कल्पा के बूथ नंबर 51 पर ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत होगा।

दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र टशीगंग

हिमाचल में देश व दुनियां का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के टशीगंग में है, जो समुद्र तल से लगभग 15256 फीट ऊंचाई पर स्थित है। यह क्षेत्र चीन की सीमा से महज 10 किमी दूर है। यहां अभी भी बर्फ है, जिस कारण चुनाव सामग्री व कर्मचारियों को यहां पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। टशीगंग में कुल 49 मतदाता हैं।

 

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