News Flash
Prevention of the death of Kulbhushan Jadhav
  • इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत की बड़ी जीत
  • पाक को दिए सजा पर प्रभावी ढंग से पुनर्विचार करने के आदेश
  • 42 पन्नों  का फैसला जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने पढ़ा 
  • 2017  में पाकिस्तान ने जासूस बताकर सुनाई थी मौत की सजा
  • 16 जजों ने 15-1 के बहुमत से सुनाया फैसला

हेग : पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी दिए जाने के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने बुधवार को भारत के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत के 16 जजों ने 15-1 के बहुमत से कुलभूषण की फांसी पर रोक लगा दी। कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कहा कि जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से फैसले की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार नहीं कर लेता, फांसी पर रोक जारी रहेगी। कोर्ट के अध्यक्ष ने फैसला पढ़ा। उन्होंने 42 पन्नों के फैसले में कहा कि पाकिस्तान जब तक प्रभावी ढंग से अपने फैसले की समीक्षा और पुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी।

आईसीजे ने कहा पाकिस्तान ने कुलभूषण के साथ भारत की बातचीत और कॉन्स्यूलर एक्सेस के अधिकार को दरकिनार किया। पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण के लिए कानूनी प्रतिनिधि मुहैया कराने का मौका नहीं दिया। पाक ने विएना संधि के तहत कॉन्स्यूलर रिलेशन नियमों का उल्लंघन किया। अंतरराष्ट्रीय कानूनी सलाहकार रीमा ओमेर ने कहा कि कोर्ट ने यह भी कहा कि पाकिस्तान आर्टिकल 36(1) यानी कॉन्स्यूलर एक्सेस दिए जाने के उल्लंघन के संदर्भ में अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।

कुलभूषण के दोस्तों ने मुंबई में बुधवार को कोर्ट के फैसले से पहले पूजा की। सभी ने कुलभूषण के फोटो वाली टी-शर्ट पहनी। टी-शर्ट पर ‘भारत कुलभूषण के साथ’ लिखा था। दोस्तों को उम्मीद थी कि कोर्ट का फैसला पाकिस्तान के खिलाफ आएगा और कुलभूषण जल्द ही सुरक्षित भारत लौटेंगे।

यह है मामला

पाकिस्तान ने पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को ईरान से जबरदस्ती अगवा कर कथित जासूसी का आरोप लगाया था। पाकिस्तानी सैन्य कोर्ट में कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने पाक सैन्य अदालत के इस फैसले पर एतराज जताते हुए आईसीजे में अपील की थी। इस पर आईसीजे ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी।

हम अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। न्याय और सत्य हमेशा जीतते हैं। अंतरराष्ट्रीय अदालत को बधाई कि उसने तथ्यों की पूरी पड़ताल के बाद निर्णय दिया। मुझे भरोसा है कि कुलभूषण जाधव को न्याय जरूर मिलेगा।
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

मैं कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के फैसले का तहेदिल से स्वागत करती हूं। यह भारत के लिए एक महान जीत है।
-सुषमा स्वराज पूर्व विदेश मंत्री

२ साल  माह आईसीजे में चला केस

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में जाधव का मामला करीब 2 साल और 2 महीने तक चला। भारत 8 मई 2017 को आईसीजे पहुंचा था और पाकिस्तान पर वियना कन्वेंशन की शर्तों के ‘घोर उल्लंघन’ का आरोप लगाया था। भारत ने आईसीजे में कहा कि पाकिस्तान ने जाधव तक कंसुलर एक्सेस की नई दिल्ली की मांग को लगातार खारिज किया, जो वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है।

पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन का किया उल्लंघन: आईसीजे

इंटरनेशनल कोर्ट ने कहा कि जाधव को कंसुलर एक्सेस मिलनी चाहिए। पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 36 (1) का उल्लंघन किया है। आईसीजे ने अपने फैसले में कहा कि पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से मिलने नहीं दिया और न ही उनकी तरफ से कोर्ट में पक्ष रखने दिया। आईसीजे ने पाकिस्तान को आदेश दिया है कि वह जाधव तक भारत को कंसुलर एक्सेस दे। इसका मतलब है कि अब भारतीय उच्चायोग जाधव से मुलाकात कर सकेगा और उन्हें वकील और अन्य कानूनी सुविधाएं और सहायता दे पाएगा।

पाक ने बताया था जासूस

भारत ने जाधव की मौत की सजा रद करने और उन्हें तुरंत रिहा करने के आदेश दिए जाएं। पाकिस्तानी सेना के द्वारा सुनाया गया फैसला पूरी तरह से हास्यास्पद है। इस पर पाक ने कहा था कि भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव एक बिजनेसमैन नहीं बल्कि एक जासूस है। पाक ने दावा कि हमारी सेना ने 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से जाधव को गिरफ्तार किया था।

 

This is Rising!

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams