फ्लोर एरिया रेशो में बदलाव के लिए विधेयक लाएंगे, होटल मालिकों को राहत देने की कवायद, मानसून सत्र में आएगा बिल

आरपी नेगी। शिमला : राज्य में प्लानिंग एरिया में बहुमंजिला भवन निर्माण के नियम बदले जाएंगे। पूर्व वीरभद्र सरकार के समय की फ्लोर एरिया रेशो में बदलाव होगा। सबसे पहले ये फार्मूला दीपक सानन ने सचिव रहते हुए दिया था।

पूर्व कांग्रेस सरकार के समय भी यही पॉलिसी रही। अब इसमें बदलाव होगा। एफएआर फार्मूले से प्लाट के क्षेत्रफल पर भवन की ऊंचाई निर्भर करती है। शिमला में ये प्रणाली अब एनजीटी की रोक के कारण रुक गई है। हालांकि राजधानी में भी कई भवन इस फार्मूले से बहुमंजिला बने। अब प्रदेश के होटल मालिकों को राहत देने के लिए जयराम सरकार पूर्व सरकार की पॉलिसी को बदलेगी। पूर्व शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने एफएआर पॉलिसी को विधानसभा में पेश किया था जो अभी तक लागू नहीं है। इसे देखते हुए वर्तमान शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने ऐलान किया है कि आने वाले विधानसभा मानसून सत्र में ऐसी पॉलिसी पर सरकार बिल लाएगी। जिसमें होटल मालिकों को राहत भी मिल सकेगी।

पूर्व सरकार द्वारा बनाई गई एफएआर पॉलिसी में होटलों के फ्लोर के मुताबिक सड़क छोडऩे एवं निर्माण करने का प्रावधान था। मगर इस पर प्रदेश के होटलियर्स ने आपत्ति भी जताई। यहां तक कि गत वीरवार को धर्मशाला और मक्लोडगंज के होटलियर्स ने इस मसले पर शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी से बात भी की। धर्मशाला और मक्लोडगंज में अवैध रूप से निर्माण होटलों के खिलाफ कोर्ट का डंडा चला तो मालिक सरकार के द्वार पहुंच गए। हर क्षेत्र और भूगौलिक परिस्थितियों के आधार पर ही लोगों को भवन निर्माण के लिए एफएआर को बढ़ाने की संभावनाओं को देखा जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार शीघ्र ही एक्ट में संशोधन करने जा रही है।

नए सिरे से बनेगा डेवल्पमेंट प्लान भी

मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा के मानूसन सत्र में पेश किया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्लानिंग एरिया के डेवल्पमेंट प्लान मेंं भी बदलाव किया जाएगा। पहले चरण में सरकार धर्मशाला और मनाली के डीपी में लोगों राहत प्रदान करते हुए एफएआर में थोड़ी राहत प्रदान करने पर विचार कर रही है। सरकार प्रदेश में लोगों को पार्किंग फ्लोर की हाइट को बढ़ाने की सुविधा प्रदान करने पर विचार कर रही है। अभी यह कहीं पर 2.7 मीटर है तो कहीं पर 2.9 मीटर की सुविधा प्रदान की गई है। इसे तीन मीटर तक किए जाने की बात कही जा रही है।

गाइडलाइन के बाद नियमों में होगा संशोधन

सरकार से मिले आदेशों के बाद टीसीपी विभाग अवैध निर्माण को रोकने के लिए तैयार की जा रही गाइडलाइन के बाद एफएआर के नियमों में संशोधन करेगा। आगामी 15 जुलाई को विभाग को गाइडलाइन की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करनी है। इसी के बाद विभाग एफएआर के नियमों में बदलाव पर काम करेगा। इसके लिए हर क्षेत्र में एफएआर पर स्टडी की जाएगी और इसमें दी जाने वाली छूट दिए जाने बारे में संभावानाओं को तलाशा जाएगा।

“प्रदेश में होटल मालिकों के साथ-साथ भवन मालिकों को राहत देने के लिए फ्लोर एरिया रेशों को बढ़ाए जाने पर विचार चल रहा है। एक्ट में संशोधन किया जाएगा।”

-सरवीण चौधरी शहरी विकास मंत्री

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