नाहन में पत्रकार वार्ता में बोले शूलिनी विवि के वाईस चांसलर, हिमाचल में निजी क्षेत्र के विवि में नंबर-वन रैँकिंग पर शूलिनी विवि

हिमाचल दस्तक। नाहन : शूलिनी यूनिवर्सिटी सोलन योग में पीएचडी कोर्स शुरू करवा रहा है। अभी तक प्रदेश में किसी भी यूनिवर्सिटी ने योग में यह कोर्स नहीं करवाए हैं। शिक्षा को योगिक विज्ञान के शोध आधार को मजबूत करने के लिए यह कोर्स शुरू किया जा रहा है।

यह बात शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने सोमवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा प्रस्तुत किए गए नए कोर्सेज अद्वितीय हैं। उनमें से कुछ कोर्स हिमाचल में पहली बार शुरू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एजुकेशन वल्र्ड की हाल की रैंकिंग में शूलिनी यूनिवर्सिटी हिमाचल के नंबर 1 निजी विश्वविद्यालय के रूप में उभरा है। इसके साथ ही भारत की 39वीं सर्वश्रेष्ठ निजी यूनिवर्सिटी भी रही है।
उन्होंने कहा कि शीर्ष 10 भारतीय यूनिवर्सिटियों और आईआईटी की तुलना में शूलिनी यूनिवर्सिटी ने अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके अलावा दस भारतीय सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटियों और दस बेस्ट ग्लोबल यूनिवर्सिटियों के बीच रहा है। शूलिनी यूनिवर्सिटी ने आज यहां नए शैक्षिक सत्र के लिए अभिनव पाठ्यक्रम की घोषणा की। यूनिवर्सिटी द्वारा प्रस्तुत किए गए नए कोर्सेज में एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, डेटा एनालसिस, योग, नेटवर्क इंजीनियरिंग, डिजिटल जर्नलिज्म और डिजास्टर मैनेजमेंट शामिल हैं। जिन्हें इस क्षेत्र में पहली बार पेश किया गया है।
ग्लोबल औसत के 28.8 फीसदी के मुकाबले शूलिनी विवि के 28.2 फीसदी पर दुनिया भर में सबसे अधिक उद्धृत विश्वव्यापी पत्रिकाओं में 10 फीसदी स्तर पर प्रकाशित जर्नल्स के प्रतिशत में औसत वैश्विक सर्वोत्तम यूनिवर्सिटीयों के बराबर है। प्रोफेसर खोसला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के प्रतिशत के संबंध में यूनिवर्सिटी 38 फीसदी के शूलिनी के आंकड़ों की तुलना में 47 फीसदी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब है। जबकि भारतीय औसत 17.8 फीसदी है। नए पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए वाइस चांसलर ने बताया कि बीएससी ऑनर्स 8 सेमेस्टर की एग्रीकल्चर डिग्री और 60 सीटों के साथ, कृषि उद्योग और सहायक संगठन में कैरियर की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए स्टूडेंट्स को तैयार करता है।
स्कूल ऑफ  एग्रीकल्चर का उद्देश्य सक्षम कृषि वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को तैयार करना है। जो जलवायु परिवर्तन और शुरुआती अवस्था में चल रही दूसरी हरित क्रांति की चुनौतियों से निपटने के लिए अच्छी तरह सुसज्जित हों।  बीएससी हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी जेईई या किसी अन्य मान्यता प्राप्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से शूलिनी के अपने टेस्ट सहित पेश किया गया है।
बीएससी योग कार्यक्रम प्रदेश में पहली बार प्रस्तुत किया गया है, जिसमें 60 सीटें होंगी। ये कोर्स स्टूडेंट्स को योग, इसकी आधार, उपयोग और लाभ के बारे में गहन ज्ञान प्रदान करेगा। इस कोर्स को विशेष रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग प्रशिक्षकों, पेशेवरों और शोधकर्ताओं की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस मौके पर प्रोफेसर जेएम जुल्का, सिल्ब प्रभारी सरोज खोसला, विपिन पब्बी व जसवंत पंवार उपस्थित थे।

इन नये कोर्सों को शुरू करेगा शूलिनी विवि 

बीटेक एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, एमएससी डेटा, एनालसिस बीएससी, ऑनर्स एग्रीकल्चर, बीएससी योग, एमएससी योग, बीएससी हॉस्पेटिलिटी एंड होटल मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन नेटवर्क इंजीनियरिंग, पीजी डिप्लोमा इन डिजिटल जर्नलिज्म, पीजी डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट के कोर्स शूलिनी विवि ने नये शुरू किए हैं।
चंद्र ठाकुर, नाहन 

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