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टैक्सी, मैक्सी, बसों से 16 की जगह 26 करोड़ कमाएगी सरकार

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : हिमाचल मंत्रिमंडल ने अन्य राज्यों से हिमाचल आने वाले कमर्शियल वाहनों पर टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया है। ये कांट्रेक्ट कैरिएज शुल्क तीनों कैटेगिरी के वाहनों यानी टैक्सी, मैक्सी कैब और बसों में लागू होगा।

ढांचे के युक्तिकरण के लिए मोटर वाहन अधिनियम 1999 के नियम 69 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। टैक्स को पंजाब के बराबर किया गया है। इनसे होने वाली 16 करोड़ सालाना की कमाई अब 26 करोड़ तक होगी। इससे पहले हिमाचल के वाहनों को पंजाब-हरियाणा जाने पर ज्यादा टैक्स देना पड़ता था और वहां के वाहन यहां कम शुल्क भर रहे थे। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की । कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में अनुबंध आधार पर कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों का मानदेय 1 अपै्रल 2018 से 1900 रुपये से बढ़ाकर 2200 रुपये करने का निर्णय लिया। ये मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणा थी।

मंत्रिमंडल ने राजकीय पाठशालाओं से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों, जिन्होंने अपने जीवन में पहचान बनाई है, को सम्मान प्रदान करने के लिए स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र के अनुरूप अखंड शिक्षा ज्योति-मेरे स्कूल से निकले मोती शुरू करने के लिए दिशा निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थियों का नाम संबंधित पाठशाला के डिस्प्ले बोर्ड में अंकित किया जाएगा। इससे इन स्कूलों के बच्चों को जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी। मंत्रिमंडल ने मैरिट आधार पर प्रवेश प्रदान करने के उद्देश्य से एनआरआई सीटों के कोटे को सीमित करने का फैसला लिया।

वर्तमान में हर मेडिकल कॉलेज में ये सीटें अलग-अलग थीं। बैठक में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत खंड स्तर पर लेखाकार एवं सहायक स्टाफ के 100 पद तथा डाटा एंट्री ऑपरेटरों के 30 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट ने सीएम की घोषणाओं पर फीडबैक लिया और सभी विभागों को इनके अमल पर ध्यान देने को कहा।

मेडिकल कॅालेजों में 34 से 20 की गई एनआरआई सीटें

मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई की सीटों को अब 34 से घटाकर 20 कर दिया गया है। आईजीएमसी शिमला और मंडी कॉलेज में दो-दो सीटें एनआरआई की तय की गई हैं। नाहन, चंबा, टांडा और हमीरपुर में चार-चार सीटें अब एनआरआई कोटे में होंगी। एनआरआई सीटों पर जहां मेडिकोज को 40 से 45 लाख रूपए देना पड़ता था। एनआरआई से बची 14 सीटें अब सामान्य वर्ग को दी जाएंगी।

कैबिनेट के फैसले

  1.  अंशकालीन जलवाहकों का मानदेय 1900 से बढ़ाकर 2200 रुपये किया
  2. मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई सीटें घटीं, मैेरिट से भरी जाएंगी
  3.  सर्व शिक्षा अभियान में अब खंड स्तर पर होगी 130 पदों पर भर्ती

आदर्श विद्या केंद्रों की शर्तों पर नहीं बनी सहमति

कैबिनेट में मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केेंद्र योजना की गाइडलाइंस पर सहमति नहीं बनी। इस कारण इस मसले को वापस लिया गया और अब इसे संशोधित रूप में कैबिनेट में रखा जाएगा। कई मंत्री इन बोर्डिंग स्कूलों के लिए 100 बीघा जमीन की शर्त से सहमत नहीं थे। तर्क था कि इतनी जमीन एक चुनाव क्षेत्र में मिलना मुश्किल है। इन स्कूलों के लिए टीचिंग का अलग कैडर रखने पर भी कई मतभेद थे। अब ये मसला अगली बैठक में रखा जाएगा।

युक्तिकरण और स्कूल मर्ज करने पर चर्चा नहीं

राज्य के सरकारी स्कूलों में सरप्लस टीचर्स के तबादलों पर बुधवार को भी फैसला नहीं हो पाया। युक्तिकरण संबंधी प्रस्ताव को शिक्षा विभाग ने कैबिनेट के सामने नहीं रखा। इसके जरिए दूरदराज के उन स्कूलों को शिक्षक दिए जाने थे, जहां आरटीई के मुताबिक टीचर नहीं हैं। बिना एडमिशन वाले स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज करने के मसले को भी कैबिनेट में नहीं लाया गया। संभव है कि अब अगली बैठक में इन्हें लाया जाए।

 

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