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Two people stranded in Lahoul Valley, 368 get rid of safe

मरने वालों में बीआरओ जवान और गर्भवती महिला शामिल

मोहन कपूर। केलांग : भारी बर्फबारी के कारण लाहौल घाटी और बारालाचा दर्रे के आसपास फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बुधवार को पूरा दिन रेस्क्यू अभियान चलाया गया। उपायुक्त लाहौल-स्पीति अश्वनी चौधरी ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है।

जिंगजिंगबार में बीआरओ के एक जवान और बारालाचा में एक गर्भवती महिला की मौत हुई है। भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टरों और रेस्क्यू टीम ने बुधवार को करीब 368 लोगों को कुल्लू सुरक्षित पहुंचाया। बुधवार तक 898 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। बुधवार को 31 लोगों को रेस्क्यू कर हेलिकॉप्टर से कुल्लू पहुंचाया गया। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। लाहुल स्पीति में इस समय रात का तापमान माइसन में चल रहा है। इसके चलते बारालाचा और चंद्रताल की तरफ फंसे हुए लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि प्रशासन ने बुधवार को हेलिकॉप्टर से लाहौल में फंसे हुए लोगों के लिए खाने के पैकेट भी फेंके।

उधर लाहौल में निजी हेलिकॉप्टर से दो इजरायली पर्यटकों का रेस्क्यू किया गया। हेलिकॉप्टर के माध्यम से कुल्लू पहुंचाए गए लोगों में नॉर्वे के एनी क्रिस्टिव (53) व पेर बोन्सए, डेनमार्क के क्रिस्टिन्सन (70), टवेनसन (56), जॉनसन (67) और रॉल्फ बेकर (53), भूटान के सोनम निरंजा (39), नेपाल के कुनामा लामा (54) व नवांग दोरज (70), कोलकाता के जगदीश चक्रवर्ती (53) व पिनाकी जोवद्र्धन (52), देहरादून के जालम सिंह (22), पांगी की सरिता कुमारी (40), तुलदेई (21), जालम सिंह (37) और भादुल सिंह (43) पांगी, मनाली के सुंदर सिंह (28) व कमल कुमार (42), पश्चिम बंगाल की पाला बैनर्जी, सिद्धार्थ बैनर्जी और सप्तर्षि बैनर्जी (28), पटना के विनोद सिन्हा (68) और ओम प्रकाश (43)शामिल हैं। इसके साथ ही अंतिम उड़ान में पांच महिलाओं और तीन बच्चों को भी ढालपुर में बनाए गए बेस कैंप में उतारा गया है।

बारालाचा से रेस्क्यू किया गया विदेशी पीजीआई रेफर

बारालाचा से रेस्क्यू किए गए एक विदेशी पर्यटक जोकि मधुमेह का रोगी है उसे जोनल अस्पताल से पीजीआई रैफर किया गया है। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विक्रम कटोच ने बताया कि विदेशी की नाजुक हालात को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया है।

“रोहतांग टनल के जरिए अभी तक करीब 650 लोगों को लाहौल-स्पीति से मनाली सुरक्षित पहुंचाया जा चुका है। कृषि मंत्री डॉक्टर रामलाल मारकंडा ने कहा कि वीरवार शाम तक लाहौल-स्पीति की अंदरुनी सड़कों को बहाल करवाया जाएगा। इसके बाद हेलिकॉप्टर के साथ-साथ सड़क मार्ग से भी फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू किया जाएगा। “
रमन घरसिंघी, एसडीएम मनाली

12 लोगों को किया एयरलिफ्ट

शिमला। लाहौल घाटी में फंसे लोगों को निकालने के लिए दो रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं पीडब्ल्यूडी मनीषा नंदा ने कहा कि ये बचाव अभियान लाहौल घाटी के जिंगजिंग बार और बारालाचा में बुधवार सुबह 7 बजे शुरु हुआ। सुरक्षित निकाले गए 356 लोगों को रोहतांग सुरंग के रास्ते लाया गया, जबकि कुछ विदेशी नागरिकों सहित 12 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन की खुद निगरानी कर रही अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि अभी भी कुछ लोग लाहौल घाटी में फंसे हुए हैं। जिन्हें निकालने के लिए वीरवार को प्रशासन दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगा।

ये अभियान आने वाले दिनों में तब तक जारी रहेगा, जब तक कि सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंचाया जाता। उन्होंने कहा कि बीआरओ के करीब 250 लोगों के लिए बुधवार को राशन भिजवाया गया है। साथ ही कुंजुम दर्रे पर भी हेलीकॉप्टर से खाने-पीने की सामग्री के पैकेट गिराए गए हैं। मनीषा नंदा ने कहा कि भारी बारिश की वजह से प्रदेश में कुल 373 सड़कें बंद हो गई थी, जिनमें से करीब 200 सड़कों को बुधवार तक खोल गया।

बाकि सड़कों को भी आने वाले दो-तीन दिन के अंदर बहाल कर दिया जाएगा। बारिश ने नुकसान की रिपोर्ट की जा रही तैयार अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मनीषा नंदा ने बताया कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश के चलते प्रदेश में 220.29 करोड़ रुपए की सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से विभिन्न विभागों को हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है।

पीएम ने फोन पर जाना हिमाचल का हाल

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हिमाचल में भारी बारिश और बर्फबारी से हुए नुकसान का हाल जाना। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से दूरभाष पर बात की और हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी वर्षा से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि भारी बरसात के कारण प्रदेश को लगभग 1250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसके लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई भारी बर्फबारी व वर्षा के कारण राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रदान किए गए सेना के तीन हैलीकॉप्टरों के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गत दिनों लगातार चार दिनों तक हुई भारी बारिश से प्रदेश को करोड़ों का नुकसान हुआ। हालांकि अभी राजस्व विभाग ने नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार नहीं की है, लेकिन पहली जुलाई से लेकर अब तक प्रदेश को 1250 करेाड़ से अधिक का नुकसान आंका गया। ऐसे में अब प्रदेश की जयराम सरकार को पीएम मोदी के आश्वासनों पर पूरी उम्मीद टिकी हैं।

 

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