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  • सीएम ने करीब सवा तीन घंटे का दियाबजट भाषण 
  • Rs. 44,387 करोड़ के बजट में 18 नई योजनाएं
  • Rs. 7352 करोड़ वित्तीय घाटा ऋण लेकर पूरा करेंगे
  • Rs. 20000 को नौकरी देंगे, कोई टैक्स नहीं लगाया
  • 850 और 1500 रुपये हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन
  • 250 रुपये हुई दिहाड़़ी, एक साल में 25 रुपये बढ़ी

राजेश मंढोत्रा। शिमला : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अपने बजट में गांव, किसान और गरीब की बात की है। वित्त वर्ष 2019-20 का बजट 44,387 करोड़ रुपये का है, जो 2018-19 के मुकाबले 7 प्रतिशत अधिक है। शनिवार को सदन में बजट अनुमान प्रस्तुत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि चूंकि राज्य की 80 फीसदी से ज्यादा आबादी गांवों में रहती है, इसलिए उनको बजट में प्राथमिकता दी गई है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले बजट में घोषित 30 स्कीमों को जारी रखा गया है और इस बजट में 18 नई योजनाएं और जोड़ी गई हैं। करीब सवा तीन घंटे के बजट भाषण में उन्होंने एक तरफ कर्मचारियों को रिझाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर दिहाड़ी और मानदेय बढ़ाकर कई वर्गों को खुश किया। बजट में वित्तीय घाटा 7352 करोड़ का होगा, जिसे लोन के जरिए पूरा किया जाएगा। सरकार कानूनन तय सीमा तक ही लोन लेगी।

जयराम ने कहा कि राज्य के संसाधन चूंकि कम हैं, इसलिए उनकी सरकार ने बाह्य वित्त पोषित योजनाओं पर ज्यादा फोकस किया है। पहले साल में ही 10 हजार करोड़ से ज्यादा की योजनाएं लाने में वे सफल रहे हैं। बजट में अगले साल 20 हजार को नौकरी देने की बात कही गई है। जबकि कोई नया टैक्स इस बजट में नहीं है। दो नए बोर्ड बनाने का ऐलान बजट में हुआ है। साथ ही इंदिरा गांधी की इमरजेंसी की याद लोगों में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई योजना लोकतंत्र प्रहरी सम्मान के नाम से घोषित कर दी है। इसमें इमरजेंसी के समय जेलों में बंद रहे लोगों को सरकार हर साल 11000 एकमुश्त देगी।

ऐसे भरेंगे 20,000 पद 

शिक्षक               8,000
अन्य विभाग      3,500
पैरामेडिक्स        3,000
कांस्टेबल           1,400
बिजली बोर्ड        1,000
जेओएस आईटी  1,000
एचआरटीसी      800
डॉक्टर               300
पटवारी              400
फॉरेस्ट गार्ड        200
जेई-एसडीओ      250

प्रति 100 रुपये में बजट

 

 

 

पंचायतीराज और शहरी निकाय नुमाइंदों का मानदेय बढ़ा

पद                             पहले               अब
पंचायत प्रधान            4,000           4,500
उपप्रधान                    2,500           3,000
बीडीसी मेंबर               4,000          4,500
बीडीसी उपाध्यक्ष         4,500          5,000
बीडीसी अध्यक्ष            6,500         7,000
जिप मेंबर                    4,500         5,000

पद                          पहले                  अब

जिप उपाध्यक्ष         7,500            8,000
जिप अध्यक्ष           11,000          12,000
नपं मेंबर                 2,000           2,500
नपं उपाध्यक्ष          3,500           4,000
नपं अध्यक्ष             5,000           5,500
नप मेंबर                 2,200           2,500

पद                          पहले              अब

नप उपाध्यक्ष          5,000          5,500
नप अध्यक्ष             6,000         6,500
एमसी पार्षद            5,000         5,500
उप-महापौर            8,000         8,500
एमसी मेयर            11,000        12,000

बजट 2019-20 आंकड़ों में

कुल बजट            44,387 करोड़
राजस्व प्राप्ति      33,747 करोड़
राजस्व व्यय       36,089 करोड़
राजस्व घाटा       2,342 करोड़
वित्तीय घाटा      7,352 करोड़
लोन लेंगे            5069 करोड़

किस विभाग को कितना बजट

पीडब्ल्यूडी               3921 करोड़
स्वास्थ्य क्षेत्र          2482 करोड़
वेल्फेयर सेक्टर       2543 करोड़
परिवहन-पर्यटन      2283 करोड़
आईपीएच विभाग   1948 करोड़
ग्रामीण विकास       1704 करोड़
गृह विभाग             1609 करोड़
जनजातीय विकास  1564 करोड़
बागवानी विभाग     474 करोड़
आयुर्वेद विभाग       288 करोड़

किसका कितना बढ़ा मानदेय?

कैटेगरी                 पहले      अब
वाटर गार्ड             2100       3000
पंप ऑपरेटर         3000      4000
पंचायत चौकीदार 4,150      4,500
आशा वर्कर           1,250      1,500
एसपीओ               6,000     7,000

आंगनबाड़ी वर्कर     4550     6,300
आंगनबाड़ी सहायक  —         3,200
मिनी वर्कर                —        4,600

मुख्यमंत्री का शायराना अंदाज

यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल
एक जुनून सा दिल में जगाना पड़ता है
पूछा चिडिय़ा से कैसे बनाया आशियाना
बोली, भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार
तिनका-तिनका उठाना पड़ता है

बजट में ये 18 नई योजनाएं लाए जयराम

1. लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना
(इमरजेंसी में जेल में रहे लोगों के लिए)
2. मुख्यमंत्री नूतन पॉलीहाउस योजना
(85 फीसदी सब्सिडी से 5000 पॉलीहाउस लगेंगे)
3. मुख्यमंत्री खुंभ विकास योजना
(किसानों को मशरूम की खेती पर अनुदान)
4. मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना
(परंपरागत शिल्पकारों और कारीगरों के लिए)
5. एक बूटा बेटी के नाम: (बेटियों की सुरक्षा, स्वस्थ समाज की परिकल्पना को)
6. मुख्यमंत्री ग्रीन टेक्रालोजी ट्रांसफर स्कीम
(किसानों को हरित उद्योग का लाभ अनुदान पर)
7. मुख्यमंत्री स्वजल योजना: (गरीबों को रसोई तक नल ले जाने पर 50 फीसदी सब्सिडी)
8. मुख्यमंत्री दस्तकार सहायता योजना
(बीपीएल के दस्तकारों को औजारों
पर 75 फीसदी सब्सिडी मिलेगी)
9. मुख्यमंत्री रोशनी योजना: (गरीबों को बिजली कनेक्शन पर कोई शुल्क नहीं)
10. सीवी रमन वर्चुअल क्लासरूम योजना
(दूरदराज के कॉलेजों में ये क्लासरूम बनेंगे)
11. खेल से स्वास्थ्य योजना: (50 कॉलेजों में खेल ढांचा विकसित किया जाएगा)
12. अटल निर्मल जल योजना
(सभी सरकारी स्कूलों में वाटर फिल्टर लगेंगे)
13. नवधारणा योजना: (विकलांगों को स्किल डेवेल्पमेंट कोर्स )
14. मुख्यमंत्री युवा निर्माण योजना
(हर चुनाव क्षेत्र में दो मल्टीपर्पज ग्राउंड बनेंगे)
15. मुख्यमंत्री कलाकार प्रोत्साहन योजना
(परफॉर्मिंग आट्र्स पढऩे वाले
युवाओं को 75000 रुपये मिलेंगे)
16. संपूर्ण स्वास्थ्य योजना: (12 अस्पतालों में टर्शरी केयर सुविधा मिलेगी)
17. सहारा योजना: (कैंसर, अपंगता, थेलेसिमिया आदि के मरीजों को 2000 मिलेंगे)
18. खेलकूद प्रतिभा खोज कार्यक्रम
(युवा खिलाडिय़ों के चयन के लिए नया अभियान)

 

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