Where is the inspection report of private schools?

छात्र-अभिभावक मंच ने उच्च शिक्षा निदेशक से पूछा सवाल,  जल्द रिपोर्ट सार्वजनिक न हुई तो फिर देंगे धरना

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : छात्र-अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। मंच ने चेताया है कि अगर इंस्पेक्शन रिपोर्ट सार्वजनिक न की तो मंच तीसरे चरण का आंदोलन शुरू करेगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय पर हुए महाधरने के बाद उच्चतर शिक्षा निदेशक ने कई टीमें बनाकर प्रदेश में निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन का कार्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंपा था। इस इंस्पेक्शन के 14 दिन का समय अब खत्म हो गया है। अधिसूचना के हिसाब से अब सभी निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा निदेशक के टेबल पर होनी चाहिए। इस अधिसूचना के तहत प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्थित निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन 9 व 10 अप्रैल को निर्धारित की गई थी।

उच्चतर शिक्षा निदेशक की अधिसूचना में स्पष्ट था कि दो दिनों की इंस्पेक्शन के बाद 11 अप्रैल को जिला मुख्यालयों के स्कूलों की रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को सौंप दी जाएगी। उन्होंने शिक्षा निदेशक से पूछा कि अपनी ही अधिसूचना व निर्णय का मखौल क्यों बना रहे हैं। वे इन स्कूलों की रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।

रिपोर्ट को सार्वजनिक न करने के पीछे उन पर किसका दबाव है। शिक्षा विभाग अब जनता व अभिभावकों को स्पष्ट करे कि इंस्पेक्शन रिपोर्ट में निजी स्कूलों के संदर्भ में क्या आंकड़े व तथ्य सामने आए हैं। उच्चतरशिक्षा निदेशक से मांग की कि निजी स्कूलों की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करें अन्यथा अभिभावकों का रोष झेलना पड़ेगा।

क्यों चुप है सरकार

छात्र अभिभावक मंच ने राज्य में निजी स्कूलों द्वारा किए जा रहे एक हजारों रुपये के व्यापार पर सरकार की उदासीनता की कड़ी निंदा की है। मंच ने आरोप लगाया है कि शिक्षा के नाम पर यह व्यापार सरकार की आंख के नीचे बेधड़क तरीके से जारी है, लेकिन प्रदेश सरकार इसे रोकने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार नहीं है।

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams