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दुविधा में फंसे शिमला नगर निगम ने निकाली नई योजना

एक कुत्ता पालने पर 50 फीसदी घट जाएगा गारबेज शुल्क

हिमाचल दस्तक, रोहित शर्मा। शिमला

बेशक राज्य के कई शहर आवारा कुत्तों की समस्या से जूझ रहे हों, लेकिन राजधानी शिमला के नगर निगम ने इस समस्या से निपटने के लिए एक अनोखी योजना निकाली है। वीरवार को हुई नगर निगम सदन में इस योजना की जानकारी रखी गई। नगर निगम शहर के लोगों को आवारा कुत्तों को गोद लेने पर गारबेज फीस में 50 फीसदी तक की छूट देगा। इसके अलावा कुत्ते का पंजीकरण भी मुफ्त में करवाया जाएगा। दरअसल, नगर निगम नियमों और कानूनों की दुविधा में फंस गया है, क्योंकि कुत्तों को मारा नहीं जा सकता।

सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों के अनुसार नगर निगम को आवारा कुत्तों के लोगों को काटने पर उसे उठाकर उसे निगम के डॉग हट में रखना होता है। 10 दिन बाद नगर निगम को उस कुत्ते को दोबारा उसी जगह पर रखना होता है, जहां से उसे उठाया गया है। इससे शहर में आवारा कुत्तों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ऐसे में नगर निगम की ओर से सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की अवहेलना किए बिना आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए निगम के सदन में एक प्रस्ताव पारित किया गया है।

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इस प्रस्ताव के अनुसार शहर कोई व्यक्ति अगर आवारा कुत्तों को गोद लेना चाहता हैं, तो नगर निगम की ओर से गारबेज कलेक्शन फीस में उसे 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इतना ही नहीं कुत्तों का पंजीकरण भी निगम मुफ्त में करेगा। इसके अलावा अगर वह कुत्ता बीमार हो जाता है तो नगर निगम की ओर से उसका इलाज भी फ्री में करवाया जाएगा।

गौर रहे कि शहर मे आवारा कुत्तों के कारण लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर में करीब 2 से ढाई हजार के पास आवारा कुत्तों की संख्या है। शहर के रिज मैदान, मॉल रोड समेत शहर के सभी वार्डों में आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। इनके कारण शहर के लोगों को रोजाना परेशानियों से दो चार होना पड़ता है।

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