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यह रेलगाड़ी प्रत्येक रविवार को चलाई जाएगी

चंडीगढ़
भारतीय रेलवे आजादी के अवसर पर रेवाड़ी से गढ़ी हरसरू के बीच भाप इंजन से चलने वाली रेल सेवा शुरू करेगा। यह रेल सेवा 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। यह जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने वीरवार को रेल सप्ताह के मौके पर नई दिल्ली से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच स्वतंत्र भारत के पहले आकाद रेल इंजन के साथ चलने वाली रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि गढ़ी हरसरू से रेवाड़ी के बीच यह रेलगाड़ी प्रत्येक रविवार को चलाई जाएगी। लोहानी ने बताया कि इस गाड़ी में साधारण द्वितीय श्रेणी के अनारक्षित दो कोच लगाए जाएंगे और इसके लिए यात्री को साधारण टिकट लेना होगा। कोई भी भाप के इंजन वाली ट्रेन में सैर का आनंद उठा सकता है। लगभग 42 किलोमीटर की यह दूरी करीब 40 से 45 मिनट में तय होगी। उन्होंने कहा कि रेलवे दशकों से संग्रहालयों एवं कारखानों में कबाड़ बन चुके भाप के इंजनों को दोबारा चलने लायक बनाने में जुटी है।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के मुताबिक पांचों पर्वतीय रेलवे – दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरि ऊटी रेलवे, कालका-शिमला रेलवे, नेरुल-माथेरान रेलवे और कांगड़ा वैली रेलवे में भी तय दिनों में नियमित रूप से भाप के इंजनों को चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाप के इंजन का सैलानियों में बहुत बड़ा आकर्षण है और इसका पर्यटन आकर्षण के लिए दोहन किए जाने की असीम संभावनाएं हैं। भाप के इंजन के चलने वाली एक गाड़ी हर रविवार एवं छुट्टी के दिन चलेगी और इसके लिए दो भाप के इंजनों का इंतजाम किया जाएगा।

रेवाड़ी वर्कशॉप में चलने योग्य बनाए जा रहे 11 भाप इंजन

डब्ल्यूपी 7200 ‘आकााद’ अपने दिनों के सबसे ताकतवर इंजनों में से एक था। इससे मेल एक्सप्रेस गाडिय़ों को चलाया जाता था। अधिकारियों के अनुसार रेवाड़ी में भाप इंजन की कार्यशाला में करीब 11 भाप के इंजनों को चलने योग्य बनाया जा रहा है। रेल संग्रहालय में 50 साल से रखे भाप के तीन इंजनों- फीनिक्स (1907), रामगूटी (1862) एवं फायरलैस (1953) को कार्यशील बनाया जाएगा।

इन इंजनों से पर्यटकों के लिए लग्कारी ट्रेनें भी चलाने की योजना है। फुटओवर ब्रिज पर लोगों में मोबाइल फोन से इंजन की तस्वीरें खींचने एवं वीडियो बनाने की होड़ लगी थी। इस मौके पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे और दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक आरएन सिंह भी मौजूद थे।

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