ghee lohri

लोहड़ी में कैसे खाएं घी निम्नलिखित सावधानियां

नया साल शुरू होते ही जनवरी में साल का पहला त्योहार लोहड़ी मनाया जाता है। हिमाचल की परंपराओं में इस दिन देसी घी के साथ खिचड़ी खाने का प्रचलन है। घी आयुर्वेद के अनुसार बुद्धि, स्मृति, वर्ण, बल और दृष्टि के लिए उत्तम है, परंतु जब घी ज्यादा मात्रा में खा लें, तो कई बार मिचली, चक्कर, पेट दर्द, अफारा, गले में खराश, भारीपन इत्यादि लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। इससे बचने के लिए घी खाते समय निम्नलिखित सावधानियां बरतें…

1. घी पिघलाकर खाएं।
2. एक साथ बहुत सारा घी डालने के बजाय एक-दो चमच करके डालें, हर बार खिचड़ी लेने पर दोबारा ले सकते हैं।
3. गर्म पानी पीएं।
4. खिचड़ी गर्म-गर्म और ताजी हो, बार-बार गर्म न करें।
5. खाने के बाद मीठा या ठंडा पानी न पीएं।

* अगर घी ज्यादा खा लें तब क्या करें…

1. नमकीन लस्सी पीएं।
2. कोई भी आसव अरिष्ट पी सकते हैं।
3. त्रिफला को पानी में उबालकर पी सकते हैं।
4. अदरक-सौंठ को पानी में उबालकर तथा छानकर गर्मागर्म पीएं।
5. अगले भोजन में सूखी रोटी सब्जी बनाएं, जौ के आटे को मिक्स करके रोटी बनाएं।

अक्सर इस त्योहार में मूंगफली बगैरह बीच-बीच में खाते रहते हैं, जिससे सिर दर्द, गैस्टिक इत्यादि बनती है। ये सब चीजें शाम को चार-पांच बजे खाएं, लंच से तीन घंटे बाद और डिनर से तीन घंटे पहले, जिससे कि लंच-डिनर दोनों अच्छी तरह पच सकें।

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