Yog

हर रोज 10 से 15 मिनट निकालना ही काफी

योगा : योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्‍वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है।yog

योग के फायदों के बारे में जानते हुए भी हम इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा नहीं बना पाते। कुछ समय की कमी को इसकी वजह मानते हैं, जबकि सच यह है कि इसके लिए हर रोज 10 से 15 मिनट निकालना ही काफी है। तन और मन दोनों को साधने में योग का कोई सानी नहीं है। इससे तनाव दूर होता है और मन शांत और सक्रिय रहता है।

कुछ बातें, जो योग को अपनी दिनचर्या में ढालने में मदद कर सकती हैं

समय करना होगा सुनिश्चित

आज के समय में इंसान की जीवन चर्या बहुत बदल चुकी है दिन भर तनाव में फंसा बेहद व्यस्त हो चुका है लेकिन ऐसा नही है की योग केवल सुबह के समय ही किया जा सकता है कोशिश सिर्फ यह करें कि रोजाना एक नियत समय पर ही इसे करें। इससे आप एक अनुशासित तरीके से अपनी आदत बना पाएंगे। बस इतना ध्यान रखें कि उस समय खाली पेट हों। खाने के तुरंत बाद आसन ना करें।

योग की शुरुआत हल्के और सरल आसनों से करें। शरीर को व्यायाम के लिए अभ्यस्त होने में समय लगता है। शुरू में 15 मिनट योग भी काफी है योग में लिए शांत वातावरण का होना भी बेहद जरूरी है योग के लिए ऐसे स्थान का चयन करें जहां ज्यादा शोर गुल न हो और आप आसानी से ध्यान केंद्रित कर पाएं।

ये आसान जो हैं  बेहद सरल

कुछ ऐसे आसन हैं, जिन्हें आप बिना परेशानी के घर पर कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार करना इस लिहाज से संपूर्ण आसन माना जाता है। इसे हर उम्र के लोग आसानी से कर सकते हैं। अनुलोम-विलोम और प्राणायाम जैसी श्वसन संबंधी क्रियाएं भी की जा सकती हैं।

स्वस्तिकासन, गोमुखासन, गोरक्षासन, योग मुद्रासन, शंखासन, सर्वांगासन आदि ऐसे आसन हैं, जो शरीर के हर हिस्से को स्ट्रेच करते हैं। इनमें समय भी कम लगता है। बेहतर है कि पहले किसी प्रशिक्षक से सीख लें। शरीर की स्थिति को ध्यान रखकर ही आसन चुनें। वक्रासन, भुजंगासन, मर्कटासन, पवनमुक्तासन और शशांकासन शरीर को फिट रखने के साथ मजबूती भी देते हैं।

कामकाजी लोगों के लिए फायदेमंद आसन

गहरी सांस लेना व छोड़ना- फर्श या कुर्सी पर अपनी सुविधानुसार बैठें। अब गहरी सांस लेकर अपने पेट, फेफड़ों और छाती में हवा भरें। फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। ऐसा पांच बार करें। ऐसा करने से आपका स्ट्रेस निकल जायेगा और दिमाग को हल्का महसूस होगा।

पादहस्तासन- पैरों को सटाकर रखें और सीधे खड़े हो जाएं। सांस छोड़ते हुए आगे झुकें और हाथ की उंगली से पैर को छुएं। इस दौरान हाथ सीधे रखें। धीरे-धीरे पहली अवस्था में लौटें।yog

पश्चिमोत्तासन- फर्श पर दोनों पैर आगे फैला कर बैठ जाएं। अब बिना घुटने मोड़े हाथ से पैरों की उंगलियां छूने का प्रयास करें। इससे आपकी बांह, हाथ व रीढ़ में लचक आती है। साथ ही पेट की चर्बी भी कम होती है।yog

महिलाओं के लिए आसन

नौकासंचालन आसन- पैरों को सामने की ओर फैला कर बैठ जाएं और नाव चलाने के अंदाज में पीछे झुकते हुए एक घेरा बनाते जाएं। ऐसा 10 से 12 बार कीजिए। फिर इसी तरीके को शरीर के दूसरे हिस्से में भी दोहराएं। ऐसा कम से कम 10 से 12 बार कीजिए। यह आसन स्त्री रोग विकारों में लाभदायक है। इसे गर्भवती महिलाएं न करें।yog

चक्की आसन- दोनों पैर फैला कर बैठ जाएं। हाथों की उंगलियों को एक दूसरे में फंसा कर हाथ सामने सीधे कर लें। कमर से झुकते हुए हाथों का घेरा चक्की चलाने के तरीके से घुमाएं। ऐसा दोनों तरफ से 10 बार करें। यह आसन पेट की चर्बी कम करता है। कमर दर्द में भी फायदेमंद है।yog

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