तेजवंत के सामने सूरत तो जगत सिंह को सुशीला से मिल सकती है चुनौती

अरुण नेगी। रिकांगपिओ
हिमाचल में बेशक अभी विधानसभा चुनावों को वक्त है, लेकिन जनजातीय जिला किन्नौर में दो मुख्य राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा में अभी से रणनीति बनना शुरू हो चुकी है। पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी तेजवंत नेगी को 6280 वोट से मात देने वाले कांग्रेस के जगत सिंह नेगी वर्तमान विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं। लेकिन इन्हें घेरने के लिए भाजपा खूब कोशिश कर रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा में अभी से न केवल टिकट की दावेदारी बल्कि तैयारियों की बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है।

दोनों ही पार्टी के नेता लोगों के बीच जा रहे हैं और एक-दूसरे की कमियों को गिना रहे हैं। हालांकि दोनों दलों में टिकट के चाहवानों की सूची भी लंबी है, लेकिन अभी यही हालात दिखते हैं कि कांग्रेस के जगत सिंह नेगी का सामना क्या तेजवंत नेगी से होगा या सूरत नेगी से? क्योंकि भाजपा में टिकट के ये दो मजबूत दावेदार हैं। तेजवंत सिंह नेगी पूर्व विधायक हैं और एचपीसीए में भी अनुराग ठाकुर के साथ हैं। दूसरी ओर सूरत नेगी भाजपा प्रदेश एसटी मोर्चा के अध्यक्ष हैं और जेपी नड्डा से नजदीकी रखते हैं।

इसके अलावा भाजपा लीगल सेल सदस्य सीडी नेगी तथा किन्नौर भाजपा के पूर्व महासचिव भूपेंद्र नेगी भी टिकट के लिए आवेदन कर सकते हैं। कांग्रेस में वैसे भी जगत सिंह नेगी प्रबल दावेदार हैं, लेकिन प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशीला नेगी, एससी नेगी, एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव निगम भंडारी और पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यजीत नेगी के नाम भी सूची में हैं।

सुशीला नेगी इससे पूर्व जिस तरह 10 जनपथ से सीधे महिला कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी लाईं थीं उसके बाद उन्हें कम आंकना भूल होगी। सुशीला नेगी ने भी संपर्क करने पर बताया कि अभी अपने पत्ते खोलने के लिए काफी वक्त है। इसके अलावा बसपा या आम आदमी पार्टी की ओर से भी कुछ प्रत्याशी हो सकते हैं। कई वर्षों के बाद माकपा भी किन्नौर में चुनाव लडऩे की इच्छा से यहां विद्युत परियोजनाओं के विरोध के बहाने काम कर रही है।

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