News Flash
tree cut forelane

फोर लेन के दायरे में आने वाले वृक्ष काटने की तैयारी

भूपेंद्र ठाकुर। सोलन
सोलन से शिमला तक बनने वाले फोरलेन के लिए दस हजार वृक्षों की बली दी जाएगी। इन वृक्षों के कटान के बाद ही फोर लेन का कार्य शुरू होगा। कटने वाले अधिकत्तर वृक्षों में देवदार व बाण के वृक्ष शामिल हैं,वहीं वन विभाग का दावा है कि पर्यावरण को क्षती न पहुंचे इस लिए 330 हैक्टेयर में 150700 वृक्ष लगाए जा चुके हैं।

जानकारी के अनुसार परवाणू-शिमला फोरलेन के दुसरे चरण का कार्य शुरू होने वाला है। इन दिनों वृक्षों की मार्किंग का कार्य चल रहा है। राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही का कार्य पूरा कर दिया गया है। वृक्षों की अंतिम गणना होने के बाद कटान का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि सोलन से कैथलीघाट तक करीब आठ हजार वृक्षों का कटान किया जा रहा है। अधिकत्तर वृक्ष बाण के बताए जा रहे हैं, जबकि इसके आलावा अन्य किस्मों के भी कुछ वृक्ष शामिल हैं। इसी प्रकार कैथलीघाट से ढली तक बनने वाले फोर लेन के लिए भी कुल 1950 वृक्षों को काटने का कार्य शुरू हो चुका है।

करीब दो करोड़ रुपए की राशि इस कार्य के लिए जमा करवाई गई है

अधिकत्तर वृक्ष काटे जा चुके हैं। इसय क्षेत्र में सबसे अधिक देवदार के वृक्ष शामिल हैं। परवाणु शिमला फोरलेन के तीसरे चरण का कार्य लगभग शुरू हो चुका हैं। वृक्षों के कटान के साथ-साथ कटिंग का कार्य भी इन दिनों चल रहा है। राष्टीय उच्च मार्ग प्राधिकरण बोर्ड द्वारा फोर लेन के दोनों चरणों के कटान का कार्य फोररेस्ट कार्पोरेशन को दिया गया है। करीब दो करोड़ रुपए की राशि इस कार्य के लिए जमा करवाई गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि पर्यावरण को हो रहे नुकसान की भरपाई कैसे होगी।

करीब एक वर्ष पहले भी एनजीटी ने परवाणू से सोलन तक हो रहे वृक्षों के कटान पर रोक लगा दी थी। करीब दस हजार से अधिक वृक्ष पहले चरण में काटे गए हैं। वन विभाग द्वारा एनएचएआई द्वारा संयुक्त रूप से करीब एक लाख पौधों को लगाया गया। इसके बाद प्रदेश उच्च न्यायालय से वृक्षों के कटान की अनुमति मिल पाई थी। अब एक बार फिर से सोलन से शिमला तक हजारों वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलने जा रही है। ऐसे में एनजीटी की फिर से नजर जा सकती है।

वन विभाग के डिएफओ आरएस. जसवाल का कहना है कि पर्यावरण को नुकसान न हो इस लिए पहले से ही पौधे लगा दिए गए हैं। अब तक कुल 150700 पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पौधे लगाए जाने के लिए सोलन के आसपास 330 हैक्टेयर जमीन का चयन किया गया है।

यह भी पढ़ें – सड़क की टारिंग के कार्य के बीच में दूरसंचार विभाग ने फिर खोद दी सड़क

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams