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बीजेपी ने मंडलों के प्रस्ताव पर लगा दी अंतिम मोहर

मिशन 2019 में वापसी पर टिकी है अब कइओं की निगाहें

राजीव भनोट। ऊना
विधानसभा चुनावों में विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह की चिंगारी फूटने से कई जगह नुकसान उठाने वाली भाजपा ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। चुनाव परिणाम के बाद अनेक नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी से बाहर करने के प्रस्ताव मंडल के माध्यम से पारित करवाए थे। पार्टी हाइकमान को जो प्रस्ताव मंडल ने जिला की तरफ से भेजे, उन सबको पार्टी में स्वीकार करते हुए अपनी अंतिम मोहर लगा दी। जिसके चलते प्रदेश में करीब 100 से अधिक नेता व कार्यकर्ता पार्टी से निष्कासित कर दिए गए हैं।

मंडलों की ओर से पारित प्रस्ताव जिला समितियों को भेजे गए थे और जिला कमेटियों ने यह प्रस्ताव प्रदेश भाजपा को आगामी कार्रवाई के लिए भेजे थे। प्रदेश भाजपा ने मंडलों के प्रस्तावों को अपनी सहमति जताते हुए उन्हें मंजूर कर लिया है, लेकिन कुछ दुविधा इसलिए फंसी हुई थी कि उन्हीं दिनों प्रदेश भाजपा ने मंडलों के प्रस्तावों को यह कहकर रोक दिया था कि अनुशासन समिति ही बाहर निकालने का निर्णय लेगी।

विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों के विरुद्ध काम करने की शिकायतें मंडलों को मिली

ऐसे में जिन्हें निकालने की सिफारिशें की गई थी उनके मन में भी कुछ असमंजस की स्थिति थी, लेकिन अब तय हो गया है कि मंडल कार्यकारिणी की तरफ से जो भी प्रस्ताव आए उन सबको हाइकमान ने मान लिया है। इसकी पुष्टि राज्य भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने भी की है। विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों के विरुद्ध काम करने की शिकायतें मंडलों को मिली। जिसके बाद मंडल की बैठक के दौरान सर्वसम्मति से बागी व विद्रोही नेताओं व कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की सिफारिश की गई।

हालांकि इसको लेकर कई नेताओं व कार्यकर्ताओं ने आपत्ति भी की, लेकिन मंडल कार्यकारिणी ने जिन नेताओं व कार्यकर्ताओं के निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश भर में भेजा, उन्हें मंडलों की बैठकों, कार्यक्रमों व 5 माह की सरकार में भी दूर ही रखा गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में निकाले गए यह नेता व कार्यकर्ता अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हाथ पांव मार रहे हैं।

माना जा रहा है कि हालात ठीक रहे तो मिशन 2019 की कामयाबी के लिए पार्टी चुनिंदा लोगों की वापसी करवा सकती है, लेकिन इसके लिए मंडल व स्थानीय नेता की हरी झंडी लेना जरूरी होगा। भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर यह निष्कासन की कार्रवाई की है।

जो करनी थी हो गई कार्रवाई – सत्ती

राज्य भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान विद्रोह में काम करने वाली शिकायतों पर उचित कार्रवाई की गई है। मंडलों व जिला से जो प्रस्ताव पारित होकर आए हैं, उन्हें स्वीकार किया गया है और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रस्ताव या शिकायत पेंडिंग नहीं है। सब पर कार्रवाई कर दी गई है ओर जो बनती थी, वह कार्रवाई की गई।

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