polling booths

इस बार 7521 हो गए मतदान केंद्र, सभी में प्राइमरी सुविधाएं

हर चुनाव क्षेत्र में 2 बूथों का प्रबंधन केवल महिलाओं के हाथ

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग तैयार है। इस बार मतदान के लिए 7,521 केंद्र बनाए गए हैं, जोकि पिछले साल से अधिक है। इसमें 136 मतदान केंद्र पहली बार महिलाओं के हवाले होंगे। हर चुनाव क्षेत्र में दो बूथों का प्रबंधन केवल महिलाओं के हाथ होगा।

इन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को सभी प्राइमरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। देश में पहली बार हर बूथ में वीवीपैट प्रयोग में लाई जाएगी। पारदर्शिता से चुनाव करवाए जाने के लिए सभी बूथों में ईवीएम के साथ वीवीपैट को जोड़ा जाएगा, जिसमें मतदान के वक्त मतदाता सात सेकिंड तक वीवीपैट पर उम्मीदवार को डाले गए वोट की पर्ची देख सकता है।

प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 49,05,677 है। इस बार विधानसभा चुनाव में महिला मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या 24,07,503 है, जोकि कुल मतदाताओं का 49.07 फीसदी है। इसके अतिरिक्त पुरुष मतदाता 24,98,174 है। इस बार विधानसभा चुनाव में 18 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के 1,10,039 युवा पहली बार मतदाता सूची में शामिल हुए हैं।

चुनाव आयोग ने 3 लाख और बढ़ाई सीमा

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
विधानसभा के चुनाव में इस बार एक प्रत्याशी अधिकतम 28 लाख रुपये ही खर्च करे सकेगा। भारत के निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्चा भी तय कर दिया है। हालांकि 2012 के चुनावों में यह खर्चा 25 लाख रुपये तय था, लेकिन इस बार आयोग ने 3 लाख रुपये अधिक बढ़ाया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक प्रत्याशी वाहन, प्रचार-प्रसार सहित अन्य चुनावी सामग्री पर 28 लाख से अधिक खर्चा नहीं कर सकेगा।

निर्वाचन आयोग नामांकन भरने के दिन से लेकर चुनावी परिणाम निकलने तक का पूरे खर्चे पर निगाहें रखेगा। लेकिन चुनाव खर्च का पूरा ब्योरा चुनाव आयोग में जमा करवाना होगा। खर्च का रिकॉर्ड जमा करवाने के लिए रिजल्ट आने के बाद 30 दिन का समय होगा।

धूमल के लक्की नंबर पर मतदान-मतगणना

शिमला। इसे चाहे महज संयोग कहें, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव शेड्यूल पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के लक्की नंबर पर आया है। यानी जिस अंक को धूमल अपना लक्की नंबर मानते हैं, इन्हीं तिथियों पर चुनाव होने जा रहे हैं। प्रदेश में 9 नवंबर को वोटिंग होगी और 18 दिसंबर को मतगणना होगी।

ये दोनों ही नंबर धूमल के लिए लक्की हैं। पूर्व में जब-जब भी धूमल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, तब-तब 9, 18 और 27 तारीख को ही कैबिनेट की बैठकें आयोजित की जाती थीं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पांच नंबर को अपना लक्की अंक मानते हैं। चुनावी शेड्यूल पर गौर करें तो वीरभद्र के लक्की नंबर 23 अक्तूबर को नामांकन भरने की तिथि तय है। ऐसे में इस बार के चुनाव में वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के लिए कहीं न कहीं लक्की साबित हो सकता है। प्रेम कुमार धूमल की बात करें तो उनका मोबाइल नंबर में भी 9 है और वाहन नंबर भी 9 ही है।

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