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15 million GST fraud, two businessmen inside

टैक्स विभाग के परवाणु डिवीजन की कालाअंब में बड़ी कार्रवाई, इनसे माल खरीदने वाले 6 और कारोबारी हो सकते हैं गिरफ्तार

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला: सिरमौर जिला के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र के दो कारोबारियों को जीएसटी के नाम पर सरकार को चूना लगाना महंगा पड़ा। स्टेट टैक्सिस एंड एक्साइज विभाग ने जीएसटी की चोरी पकड़ ली और दो कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया है।

इन कारोबारियों ने करीब 150 करोड़ की फर्जी पेपर ट्रांजेक्शन दिखाई। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों कारोबारियों ने हिमाचल के जिन 6 उद्योगपतियों को माल बेचा है, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। हैरानी की बात है कि फर्जी खरीद के लिए दिल्ली की जिन तीन फर्मों के मालिकों का हवाला दिया गया है, वह फर्जी है। फर्जी बिल रैकेट को ध्वस्त करते हुए स्टेट टैक्सिस एंड एक्साइज विभाग के साउथ इन्फोर्समेंट जोन ने ये कार्रवाई की। साउथ जोन के संयुक्त आयुक्त डॉ. सुनील कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ये धोखाधड़ी 150 करोड़ के पेपर ट्रांजेक्शन से जुड़ी है। इसमें 15 करोड़ जीएसटी बनता है। दो कारोबारियों ने दिल्ली स्थित व्यापारियों से करोड़ों रुपये का रॉ मैटीरियल खरीदा।
जानकारी मिलने पर विभाग ने दिल्ली के व्यापारियों को रजिस्टर्ड लेटर के माध्यम से समन भेजा, लेकिन वो समन डाक विभाग के इस रिमार्क के साथ वापस आ गया कि उक्त कारोबारियों का पता अधूरा है। विभाग ने छानबीन की तो पता चला कि दिल्ली में ये व्यापारी हैं ही नहीं। दिल्ली के जिन तीन कारोबारियों से रॉ मैटीरियल की खरीद दिखाई, वे हवा हवाई साबित हुए। यानी ऐसे कोई कारोबारी वास्तव में थे ही नहीं। दो पते ऐसे थे, जहां बताए गए लोगों की जगह अन्य कारोबारी पाए गए और तीसरी जगह एक फार्मास्यूटिकल कंपनी थी। पैन नंबर पर दिए गए पते से उक्त तीन कारोबारी फर्मों की जानकारी ली गई थी।

टैक्सी चालक, फैक्टरी वर्कर को मालिक दिखाया

कालाअंब के कारोबारियों ने फ्रॉड के लिए जिस फर्म के मालिक का पता दिया, वो टैक्सी चालक निकला। उक्त टैक्सी चालक खुद 13 हजार महीने के वेतन पर काम कर रहा है। दूसरी फर्म का मालिक एक दुग्ध डेयरी पर 4000 रुपये महीना के वेतन पर हेल्पर था। तीसरी फर्म का मालिक एक फैक्टरी में काम करता था। दो महीने में इन तीन फर्मों से 60 करोड़ की सेल दर्शाई गई। इन तीनों व्यक्तियों ने शपथपत्र के माध्यम से बताया कि वे कालाअंब की फर्मों के बारे में कुछ नहीं जानते और उन्होंने उक्त कारोबारियों को कुछ नहीं बेचा।

कई ट्रांसपोट्र्स व गुड्स रसीदें फर्जी

कालाअंब के गिरफ्तार कारोबारियों ने दिल्ली से कालाअंब के बीच कई वाहनों के माध्यम से माल ढुलाई भी दिखाई। लेकिन जांच में पता चला कि वो माल ढुलाई वाले वाहन न होकर कार और बाइक्स थीं। यही नहीं कई ट्रांसपोट्र्स व गुड्स रसीदें भी फर्जी पाई गई हैं। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि इस मिशन में इंस्पेक्टर रूपिंदर सिंह ने अहम रोल अदा किया है। स्टेट टैक्सिस एंड एक्साइज विभाग ने बताया कि मंगलवार को इसी मामले में कुछ और खुलासे किए जाएंगे।

 

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