खतरे के निशान तक पहुंची सभी नदियां

बांधों का गेट खोलने से शहरों में नुकसान

887 सड़कें बंद, पानी-बिजली का संकट

हिमाचल दस्तक, राजेश। शिमला

हिमाचल में बेरहम बरसात इतनी बरसी की जलप्रलय के हालात बन गए। पिछले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग ने पहले ही रेड अलर्ट जारी किया हुआ था। इस दौरान हुई बारिश के कारण हुए हादसों ने पूरे प्रदेश में 20 लोगों की जान ले ली। इनमें से सबसे ज्यादा 9 लोगों की मौत शिमला जिला में हुई है। चंबा में 2, कुल्लू में 2, सिरमौर और सोलन में भी 2-2 लोगों की मौत हुई, जबकि लाहौल, बिलासपुर और ऊना में 1-1 व्यक्ति को जान गंवानी पड़ी।

राज्य की सभी नदियां खतरे के निशान तक पहुंच गई है और बिजली परियोजनाओं के बांधों के गेट खोलने के कारण शहरों के आसपास जलस्तर आबादी तक पहुंच गया है। मंडी शहर, नेरवा, हाटकोटी, मनाली आदि कई क्षेत्रों में गाडिय़ों के बह जाने की खबर है। करीब पांच नेशनल हाइवे भी बंद हैं। मंडी और कुल्लू के बीच करीब आधा किलोमीटर एनएच ब्यास के पानी में डूब गया है। शिमला हमीरपुर और शिमला कालका एनएच पर भी जगह जगह ल्हासे गिरे हैं। हालांकि ये दोनों रोड बहाल है।

Due to torrential rains in the area, many contact routes were interrupted

 

करीब 887 सड़कें पूरे प्रदेश में ल्हासे गिरने या भूस्खलन से ठप हैं। कई इलाकों में बिजली का संकट हो गया है। करीब 2000 ट्रांस्फार्मर खराब चल रहे हैं। इससे जल संकट भी होगा, क्योंकि आईपीएच की अपनी 1000 से ज्यादा स्कीमें बंद करनी पड़ी हैं और अन्य को पावर सप्लाई पंपिंग के लिए नहीं मिल रही है। इस 24 घंटे के भीतर प्रदेश में करीब 600 करोड़ की क्षति अब तक रिपोर्ट हुई है। इसके और बढऩे का खतरा है।

जिला शिमला में भारी बारिश के बीच 9 लोगों की मौत हो गई और दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने का सूचना है। रविवार सुबह शिमला शहर स्थित आरटीओ ऑफिस के पास एक भवन भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिसके चलते उसमें मौजूद एक ही परिवार की 3 लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो युवतियां और एक महिला शामिल है।

वहीं घायल पुरूष को आईजीएमसी में भर्ती किया गया है। इसी तरह सुबह 4 बजे उपनगर ढली के लोअर समिट्री क्षेत्र में भूस्खलन के चलते एक भवन की रिटेनिंग वॉल टूट गई, जिसकी चेपट में कुछ मजदूरों समेत दो पेंटर चपेट में आ गए। हादसे में घायल 1 पेंटर की जहां घटना स्थल मौत हो गई है वहीं दूसरा आईजीएमसी में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

जुब्बड़हट्टी के शला-चनोग मार्ग पर स्थित गांव सुगना में भारी बरसात के बीच एक गोशाला ढहने से 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इसी तरह ठियोग में एक नेपाली मूल की 53 वर्षीय महिला अपनी बेटी के साथ खड्ड में आए पानी के तेज बहाव में बह गई। महिला का शव बरामद कर लिया है और बेटी की तलाश जारी है।

Heavy Rainfall in Himachal

कुमारसैन के नारकंडा में भी एक पेड़ के ढारे पर गिरने से उसमें मौजूद 5 नेपाली मजदूरों में से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हाटकोटी में देर रात भारी बारिश के बीच सावडा के पास एक ट्रक पर चट्टानें गिर गई। इससे उसमें मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह ट्रक जालंधर से सावड़ा में सेब भरने सावड़ा ट्रक यूनियन आ रहा था।

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