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Bhim Bahadur Pun from Subathu Solan

मौत की खबर आने के बाद सूबाथू में छाया मातम

खराब मौसम के कारण वीरवार को नहीं पहुंचा पार्थिव शरीर

हिमाचल दस्तक, सुरेंद्र शर्मा। सूबाथू

14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र सुबाथू से प्रशिक्षित और राष्ट्रीय राइफल्स में कश्मीर क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात युवा सैनिक 27 वर्षीय भीम बहादुर पुन की मौत की सूचना से सुबाथू में मातम छा गया है। भीम बहादुर समीपवर्ती जाडला पंचायत के नयानगर गांव का निवासी था। करीब दस माह पूर्व ही उसका विवाह हुआ था। मृतक सैनिक के शव को सुबाथू लाया जा रहा है, जहां उसका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बता दें कि कुछ वर्ष पूर्व सुबाथू के 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र में की भीम बहादुर ने भारत मां की रक्षा की सौगंध खाई थी और उसके बाद वह राष्ट्रीय राइफल्स में कश्मीर के दुर्गम क्षेत्र में तैनात था। बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम को सेना की पैट्रोलिंग के दौरान भीम बहादुर सहित एक अन्य जवान की मौत हो गई। वीरवार को सैनिक की मौत की सूचना मिलते ही सुबाथू क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। मृतक के परिजनों को ढाढस बंधाने के लिए भारी संख्या में लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। भीम बहादुर का दस माह पूर्व ही विवाह हुआ था और वह पत्नी के अलावा डीएससी में कार्यरत सैनिक पिता, माता और बहन को पीछे छोड़ गया है।

खराब मौसम के कारण पार्थिव शरीर को नहीं लाया जा सका वीरवार को वीरवार को कश्मीर में खराब मौसम होने की वजह से पार्थिव देह को विमान से चंडीगढ़ नहीं लाया जा सका। परिजनों के अलावा प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारी व जवान भी शव के पहुंचने की प्रतीक्षा में हैं, और उसके बाद सुबाथू में जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। सैनिक के शव के साथ आने वाले सैन्य अधिकारियों से ही पूरे घटनाक्रम का पता चल पाएगा और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर उसे शहीद का दर्जा दिया जाएगा या नहीं, यह भी तभी पता चल पाएगा। गम में डूबे युवा सैनिक के पिता विजय बहादुर पुन ने बताया कि बेटे की मौत की खबर सुनते ही उन्हें बहुत बड़ा सदमा लगा है। परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार भी बेसुध हो गए हैं।

डॉ. सैजल द्वारा सैनिक भीम बहादुर पुन की शहादत पर शोक व्यक्त

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने सोलन जिला के सुबाथू के सैनिक भीम बहादुर पुन की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 27 वर्षीय भीम बहादुर पुन जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में राष्ट्रीस राईफल्स में तैनात थे और सीमा पर गश्त के दौरान वे बुधवार सांय शहीद हो गए। डॉ. सैजल ने अपने शोक संदेश में कहा कि भारतीय रणबांकुरों ने सदैव देश के सम्मान के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। उन्होंने कहा कि वीर राहुल पुन का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सहकारिता मंत्री ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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