News Flash
3630 crores boards with losses

बजट के साथ रखी गई पीएसयू रिपोर्ट से , खुलासा राज्य बिजली बोर्ड-एचआरटीसी घाटे के टॉपर

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : राज्य के बोर्ड-निगमों ने इस साल तक घाटे में 3630 करोड़ डुबो दिए हैं। बजट के साथ शनिवार को विधानसभा में रखी गई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है।

राज्य में इस समय कुल 23 बोर्ड निगम हैं। इनमें से 10 घाटे में हैं और बिजली बोर्ड और एचआरटीसी घाटे के टॉपर हैं। पीएसयू की सूची में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल नहीं है, क्योंकि यह सेंट्रल एक्ट के तहत गठित है। 31 मार्च, 2018 तक राज्य बिजली बोर्ड का घाटा 2038 करोड़ था। एचआरटीसी 1232 करोड़ घाटे के साथ दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा राज्य वित्त निगम का घाटा 166 करोड़, पावर कॉरपोरेशन का घाटा 109 करोड़, ऊर्जा संचार निगम का घाटा करीब 10 करोड़, एससी-एसटी निगम का घाटा 23 करोड़, एग्रो इंडस्ट्रीज का घाटा 16 करोड़, राज्य वन निगम का घाटा 114 करोड़, हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम का घाटा 14 करोड़, पर्यटन विकास निगम का घाटा 23 करोड़ आंका गया है।
हालांकि जिस अवधि की यह रिपोर्ट है, उस तक जयराम सरकार अभी बनी ही थी, इसलिए इन घाटे को कम करने के बाद उठाए गए कदमों
का असर अगले साल की रिपोर्ट में सामने आएगा।

41282 कर्मचारी हैं 23 बोर्ड-निगमों में

राज्य के कुल 23 बोर्ड और निगमों में इस समय 41282 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से सबसे ज्यादा करीब 25000 कर्मचारी राज्य बिजली बोर्ड के हैं। करीब 10 हजार कर्मचारियों के साथ एचआरटीसी दूसरे नंबर पर है। वन निगम में 1844, पर्यटन विकास निगम में 1527, पावर कॉरपोरेशन में 645, हिमुडा में 480 कर्मचारी हैं। शेष में इससे कम कर्मचारी कार्यरत हैं।

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams